देहरादून, 27 मार्च (भाषा) कोरोना वायरस के प्रसार पर काबू के लिए देश भर में लागू 'लॉकडाउन' के दौरान सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिये उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार को जरूरी चीजों की दुकानों को तीन घंटे की बजाय छह घंटे तक खोलने की अनुमति दे दी। लेकिन सुबह से रूक-रूक कर होती रही बारिश ने इसमें खलल डाल दी । ऐसी दुकानें सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुली रहीं । अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन लागू होने के बाद से कल तक सुबह सात बजे से लेकर 10 बजे तक केवल तीन घंटे ही दुकानें खुल रही थीं जिससे बाजारों में ज्यादा भीड जमा हो रही थी । बारिश होने के कारण शुक्रवार को खरीददारों की खास भीड नजर नहीं आयी । हालांकि, लोग छाता और रेनकोट लेकर सब्जियां, फल तथा दूध आदि जरूरी सामान खरीदने निकले । अधिकारियों ने बताया कि कृषि उपज, दूध, दूध उत्पादों, अंडे आदि जरूरी चीजों की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो रही है । प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों, गरीबों और बेसहारा लोगों के लिए खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी चीजों की घर तक आपूर्ति के इंतजाम भी किए हैं । इस बीच, बडे शहरों या विदेशों में काम करने वाले लोगों के अपने गांवों में लौटने के मददेनजर प्रशासन उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति सचेत कर रहा है। पिथौरागढ के जिलाधिकारी वीके जोगदंडे ने बताया कि पटवारियों, आशा कर्मियों, ग्राम प्रधानों और अन्य ग्रामस्तरीय कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे राज्य के बाहर से लौटे लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करें तथा एहतियाती उपाय बरतने के प्रति सचेत करें। उन्होंने कहा कि चूंकि ज्यादातर कर्मचारी बडे शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन व्यवसाय में काम करते हैं, इसलिए उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता । धारचूला के उपजिलाधिकारी ए के शुक्ला ने बताया कि भारत और नेपाल को जोडने वाले पुल पर भारत आने का इंतजार कर रहे 100 से ज्यादा श्रमिकों को नेपाली अधिकारियों से बातचीत कर उनके देश वापस भेज दिया गया है ।
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