मंगलवार, 9 जुलाई 2019

उत्तराखंड: शराब फैक्ट्री पर देवप्रयाग में उबाल, यूनिट बंद करने की मांग तेज

योगेश कुमार, देहरादून उत्तराखंड की पौराणिक नगरी देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री को लेकर राजनीतिक बवंडर मच गया है। स्थानीय लोगों के साथ ही कई धार्मिक नेताओं ने भी यूनिट को तत्काल बंद करने की मांग की है। इलाके में शराब यूनिट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला भी तेज हो गया है। वहीं, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने भी सरकार से लोगों की भावनाओं का आदर करने की अपील की है। आबकारी विभाग के पास मौजूद रिकॉर्ड्स के मुताबिक दिल्ली की एक फर्म ने 2016 में टिहरी जिले के डुडवा-भांडली गांव में शराब यूनिट स्थापित करने का लाइसेंस लिया था। यूनिट का ट्रायल रन हाल ही में शुरू हुआ, जिसके बाद शराब के बोतल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कॉमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई धार्मिक नेताओं के साथ-साथ राजनेताओं ने भी शराब यूनिट पर विरोध दर्ज कराया। बर्दाश्त नहीं शराब फैक्ट्री: गंगा महासभा हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से फोन पर बातचीत में गंगा महासभा के महासचिव स्वामी जितेंद्र सरस्वती ने कहा, 'हम अलकनंदा और भागीरथी के संगम एक शराब फैक्ट्री बर्दाश्त नहीं कर सकते। राज्य सरकार को फैक्ट्री को बंद करने के लिए जरूरी निर्देश देने चाहिए। मैं राज्य सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाऊंगा।' उन्होंने स्थानीय राजनेताओं पर प्रॉजेक्ट का शुरुआत से ही विरोध नहीं करने का आरोप लगाया। सरस्वती ने कहा, 'मुझे बताया गया कि बॉटलिंग प्लांट तैयार है और सारा औद्योगिक कचरा सीधे गंगा में जाएगा।' 2016 में भी हुआ था विरोध स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे पहले इस शराब फैक्ट्री के विरोध की शुरुआत 2016 में हुई थी, जब समाचार पत्रों के जरिए यूनिट का पता चला। विरोध प्रदर्शन की अगुआई कर रहे समीर रतूड़ी कहते हैं, 'हमारे प्रदर्शन की वजह से उस साल सब कुछ बंद हो गया था। अब हमें पता चला है कि देवप्रयाग में यूनिट का ट्रायल रन शुरू हो गया है।' देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी इस मामले पर कहते हैं, '2016 में कांग्रेस सरकार ने शराब यूनिट को मंजूरी दी थी। मैं इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं कि कंपनी को कैसे जरूरी क्लियरंस मिल गई।' देवप्रयाग में विस्की फैक्ट्री बंद हो: रावत पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक दिन पहले इस मुद्दे पर ट्वीट किया था। उनका कहना है, 'मेरी सरकार ने फ्रूट बीयर और वाइन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की इजाजत दी थी ना कि विस्की की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। साथ ही अगर मेरी सरकार ने कोई गलती की थी तो वर्तमान सरकार उसमें बदलाव क्यों नहीं कर रही है?' रावत ने यह भी कहा कि शराब फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन में वह भी शामिल होंगे। पूर्व सीएम ने कहा, 'देवप्रयाग एक पवित्र नगरी है और लोग वहां विस्की फैक्ट्री की इजाजत नहीं देंगे। राज्य सरकार को उनकी भावनाओं का आदर करना चाहिए।'


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