देहरादून उत्तराखंड के चम्पावत जिले में नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा पर दिल्ली से नेपाल जा रहे पांच संदिग्ध युवकों को रोका गया, जिसमें से चार के चीनी नागरिक होने का संदेह है। इनके पास वीज़ा और पासपोर्ट भी नहीं है। उनके साथ पांचवां व्यक्ति तिब्बती है। उसके पास पासपोर्ट समेत अन्य जरूरी कागजात पाए गए हैं, जो उसके तिब्बती होने की पुष्टि करते हैं। तिब्बती व्यक्ति इन लोगों के साथ था, इसलिए उसे भी रोका गया है। जिन चार लोगों के चीनी नागरिक होने का संदेह है, उनकी भाषा समझ में नहीं आने से भाषा जानकारों को बुला लिया गया है। उनके पास से मिली दिल्ली की आईडी भी फर्जी है। जब युवकों की तलाशी ली गई तो उनके पास एक मोबाइल की चिप निकली। उस चिप को जब मोबाइल में डालकर देखा गया तो सभी युवकों की पूरी जानकारी सामने आ गई। इमिग्रेशन चेकपोस्ट अधिकारियों के अनुसार दिल्ली से नेपाल जा रही बस में सवार चीन के नागरिकों की तरह दिखाई दे रहे यह चार लोग संदेह होने पर रोके गए। ये लोग अपनी नागरिकता के संबंध में कुछ भी नहीं बता पाए। वे यह भी नहीं बता पाए कि उनका दिल्ली से नेपाल किसलिए जा रहे हैं। चीनी युवकों के पास एक रिकवरी लेटर मिला है, जिससे पता चला कि चारों चाइनीज युवकों को मुंबई पुलिस ने किसी देश से समुद्र के रास्ते तस्करी कर लाए जा रहे 57 किलो सोने के साथ पकड़ा था, जिसकी कीमत 6 करोड़ 50 लाख रुपये थी, जिसमें चारों युवकों को सजा भी मिली थी। आशंका जताई जा रही है कि ये सभी किसी अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह से जुड़े हैं। इनके पास से भारतीय आईडी भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। बनबसा में तैनात सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया तंत्र इन संदिग्ध लोगों के बारे में पूरा ब्यौरा जुटाने में लगे हैं।
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