देहरादून, 30 जुलाई (भाषा) केन्द्रीय महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने पोषण योजना, आगंनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था और शौचालय की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि कुपोषित बच्चों को उचित पुष्टाहार दिया जाये, ताकि वे सामान्य श्रेणी में आ सके। यहां मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ बाल विकास तथा पोषण अभियान के संबंध में अधिकारियों की बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पौष्टिक आहार के लिए कैलेण्डर बनाया जाये और इसे जनप्रतिनिधियों के साथ साझा करते हुए लागू किया जाये । उन्होंने एनीमिया(शरीर में खून की कमी) को रोकने के लिए टी-3 रणनीति पर ध्यान दिये जाने तथा दो बच्चों के पैदा होने में उचित समयान्तर रखने के लिये जागरूकता अभियान चलाये जाने पर भी जोर दिया, जिससे बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास सही से हो। वहीं, मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन जिलों में बाल लिंगानुपात कम है, वहां का वे दौरा करें और लिंगानुपात कम होने के कारणों का पता लगायें। उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत राज्य व जिला स्तरीय समितियों की बैठक समय-समय पर आयोजित करने के भी निर्देश दिये ।
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