ऋषिकेश के ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद होने के कारण राम झूला पुल पर दबाव बढ़ गया। इस कारण शनिवार देर शाम को कांवड़ियों और अन्य लोगों की भीड़ से राम झूला पुल के भी चार तार टूट गए। इससे भगदड़ की स्थिति बनते-बनते बची। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। विभाग के इंजिनियरों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद रात करीब 8 बजे पुल की मरम्मत पूरी की। इस दौरान शाम पांच से रात 8 बजे तक पुल से आवागमन बंद किया गया। टिहरी के एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत के अनुसार पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद करा दी गई है। लोगों की भी सीमित संख्या में आवाजाही रखने के लिए दोनों ओर बैरिकेडिंग लगा दिए गए हैं। लक्ष्मण झूला और राम झूला पुल की जांच की सर्वे रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग ने लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही पूर्ण रूप से बंद करने और राम झूला पुल पर सीमित संख्या में आवाजाही करने सहित वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही यह रही कि उसने राम झूला पुल पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं ही लगाया, जिसका नतीजा शनिवार को दुर्घटना होते होते बची। पुल की भार वहन क्षमता 500 किलोग्राम प्रति स्क्वेयर मीटर है लेकिन निर्माण के अनुसार 34 साल बीत जाने के बाद आवाजाही बढ़ने से पुल की वहन क्षमता काफी कम हो गई है। इसकी जानकारी होते हुए भी प्रशासन और पुलिस ने राम झूला पुल पर बेतरतीब तरीके से आवाजाही चालू रखी।
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