चंडीगढ़ साल 2022 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत सात राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस जहां यूपी और उत्तराखंड में फिर से सत्ता पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है तो वहीं पंजाब में खुद के नेताओं के बगावती तेवर से कांग्रेस डगमगा रही है। बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने खुलकर बगावत का बिगुल फूंक दिया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आखिर वो कौन सा शख्स है, जिसे लेकर हरीश रावत ने कांग्रेस के खिलाफ बगावती तेवर अख्तियार कर लिया है? हरीश रावत को कांग्रेस ने जब पंजाब का प्रभारी बनाया तो उन्होंने नाराज होकर घर बैठे नवजोत सिंह सिद्धू को सक्रिय कर दिया। सिद्धू के सक्रिय होते ही कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू की झगड़े की शुरुआत हो गई। मामले को शांत करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धू को पंजाब का अध्यक्ष भी बनाया, लेकिन इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। वहीं, हरीश रावत की ओर से अमरिंदर और सिद्धू का मामला हैंडल न कर पाने की वजह से कांग्रेस हाईकमान नाराज हो गया और उनकी जगह पर हरीश चौधरी को पंजाब की जिम्मेदारी दे दी गई। हरीश चौधरी राजस्थान सरकार में मंत्री रहे हैं। हरीश चौधरी के पंजाब प्रभारी बनाए जाने के बाद हरीश रावत काफी नाराज दिखाई देने लगे। रावत कभी खुलकर तो कभी दूसरे मुद्दों को लेकर अपनी ही पार्टी को घेरने लगे। हरीश रावत ने खुलकर कभी हरीश चौधरी का विरोध नहीं किया, लेकिन कई मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ हरीश रावत नजर आए। बुधवार को हरीश रावत ने कई ट्वीट कर खुलकर बगावत का बिगुल फूंक दिया। एक ट्वीट में हरीश रावत ने लिखा- सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि #हरीश_रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय है! वहीं, बीजेपी नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत ने एनबीटी से बात करते हुए कहा कि हरीश रावत जी हमारे बड़े भाई हैं। वे कांग्रेस के बड़े नेता हैं। उत्तराखण्ड में सीएम रहे, केंद्र में मंत्री रहे, लेकिन आज जिस तरह से कांग्रेस में उनकी हालत दिख रही है और जो वे बयां कर रहे हैं, उससे लगता है कि कांग्रेस की हालत ठीक नहीं है। कांग्रेस बीमार हालत में है और अपने आप में उनका बिखराव है। तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जो अपने बड़े नेता का सम्मान न कर पाए वह और का क्या सम्मान करेंगे, वह जनता को क्या इज्जत दे पाएंगे। वे उत्तराखंड या देश का क्या भला कर पाएंगे? बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस में बुरी तरह बिखराव साफ दिखता है। इसका लाभ निश्चित तौर पर बीजेपी को मिलेगा और बीजेपी फिर अपना परचम लहराएगी। एनबीटी के यह पूछने पर कि हरीश रावत ने कांग्रेस के अंदर मगरमच्छों का जिक्र किया है, कौन हैं ये मगरमच्छ? तीरथ सिंह रावत ने कहा कि ये उनका अंदरूनी मामला है। ये तो वही बता सकते हैं, लेकिन अगर हरीश रावत को ये लगता है तो उन्हें उनके नाम भी बता देने चाहिए।
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