गुरुवार, 13 अगस्त 2020

बारिश का कहर: रुद्रप्रयाग में बादल फटने से तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त

पुलकित शुक्ला, देहरादून/रुद्रप्रयागतेज बारिश और बिगड़ा मौसम उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कहर बरपा रहा है। रुद्रप्रयाग के जखोली में बादल फटने से 10 मकान उसकी जद में आ गए और 1 दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो गए। टिहरी के भिलंगाना ब्लॉक के सीमांत गंगी गांव में भी 10 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, तीन गोशाला ढह गई हैं, जिसमें 15 पशु मलबे में दब गए। अतिवृष्टि से पैदल मार्ग, पेयजल लाइन, बिजली लाइन और कृषि कार्य भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को मुआवजा दिए जाने की बात कह रहा है। रविवार रात लगभग 10 बजे बादलों की तेज गर्जना के साथ सिरवाड़ी गांव के निकट जंगल में बादल फटने से मलबे और गदेरे के सैलाब ने गांव में भारी तबाही मचाई। ग्रामीण राकेश लाल, दीपक रौथाण, बलवीर लाल, हुकुम सिंह रौथाण और कुलदीप सिंह आदि के मकान मलबे की चपेट में आ गए। इतना ही नहीं करीब 2 सौ नाली कृषि की भूमि भी नष्ट हो गई है। हालांकि इस तबाही के बीच में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वे पहले से सावधान नहीं होते तो मलबे कि जद में आकर भारी जनहानि हो सकती थी। विधायक भरत सिंह चौधरी ने मांग की है कि प्रशासन को प्रभावित ग्रामीणों और परिवारों की जल्द से जल्द मदद कर उचित मुआवजा मुहैया कराना चाहिए। जखोली के एसडीएम एनएस नगन्याल ने बताया कि सिरवाड़ी गांव में बादल फटने से 10 मकानों में मलबा घुस गया है। 14 परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। कृषि और अन्य नुकसान का आकलन करके जल्द ही मुआवजा वितरित किया जाएगा।


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