करन खुराना, देहरादून ने निजी अस्पतालों को भी कोरोना वायरस के मरीज़ों के इलाज करने की अनुमति दे दी है। अब उत्तराखंड के निजी अस्पतालों में भी कोरोना वायरस का इलाज करवाया जा सकता है। इससे पहले केवल सरकारी अस्पतालों में ही कोरोना वायरस का इलाज होता था। प्रदेश सरकार का कहना है कि शुरुआत में केवल उन्हीं अस्पतालों में कोरोना वायरस का इलाज होगा जो कि एनएबीएच से संबंधित है। उत्तराखंड में केवल 5 ही अस्पताल ऐसे हैं, जो कि एनएबीएच के अंतर्गत आते हैं, जिनमें मैक्स अस्पताल देहरादून, सिनर्जी अस्पताल देहरादून, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट देहरादून, मेट्रो अस्पताल हरिद्वार और बृजलाल हॉस्पिटल हल्द्वानी शामिल हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। अभी तक 14 हजार सैंपल ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट नहीं आई है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है, कि निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए एक अलग वार्ड होना चाहिए। साथ ही वहां 24 घंटे आईसीयू की सुविधा भी होनी चाहिए, अस्पतालों में हर समय चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी उपस्थित होना चाहिए। आइसोलेशन वार्ड के प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा होनी चाहिए। सीएम रावत ने स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकॉंफ्रेंसिंग कर कोरोना के रोकथाम के विषय में बात की। सीएम ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ जिलों के सैंपल अब हेलीकॉप्टर के द्वारा टेस्टिंग के लिए भेजे जाएंगे। जिससे की सैंपल टेस्टिंग में देरी ना हो। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस टेस्टिंग को और अधिक बढ़ाया जाए एवं अस्पतालों में कोरोना वायरस नियंत्रण एवं बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
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