मुनि की रेती के थाना प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि ऐसी शिकायत मिली थी कि दिल्ली से यहां आने वाले पर्यटकों की ओर से दिखाई गई आठ आरटी-पीसीआर रिपोर्ट जांच में फर्जी पाई गई। इसके बाद ये गिरफ्तारियां हुई।
विनय बिष्ट नामक आरोपी ढालवाला कोविड जांच-चौकी पर काम करता था और उसने कस्बे के कोविड जांच प्रयोगशाला में काम करने वाली कंप्यूटर संचालक शीतल स्नेही जाटव से फर्जी निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट हासिल की थी।
भंडारी ने बताया कि इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और प्रति रिपोर्ट पर इन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। राज्य सरकार ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए यहां पहुँचने पर निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है, जो 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3g6ZVYq
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें