सोमवार, 14 जून 2021

IIT रुड़की ने तैयार किया अनोखा हेलमेट, आतंकवाद से जूझ रहे क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए है खास

देवेश सागर, हरिद्वार देश में होने वाली आतंकी गतिविधियों का मुंह तोड़ जवाब देने वाले देश के जवानों की सुरक्षा के लिए आईआईटी रुड़की के प्रफेसर ने एक अनोखा किया है। इस हेलमेट की खासियत है कि यह बड़े विस्फोट को झेलने में कारगर है। आईआईटी प्रफेसर की ओर से तैयार क‍िए गए हेलमेट से देश में आतंकवाद से जूझ रहे क्षेत्रों में तैनात जवानों को काफी राहत म‍िलेगी। वर्तमान समय में देश की सुरक्षा कर रहे जवानों के पास जो पारंपरिक हेलमेट मौजूद है, उसकी तुलना में यह हेलमेट जवानों को ज्यादा बेहतर सुरक्षा दे सकेगा। दरअसल हर साल होने वाले आतंकवादी हमलों की वजह से सुरक्षा में तैनात कई जवान शहीद हो जाते हैं। सीमा पर तैनात सेना के जवानों के पास जो पारंपरिक हेलमेट वर्तमान समय में उपलब्ध है वह सिर्फ जवान के सि‍र को गोली के वार से सुरक्षा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके विपरीत इस पारंपरिक हेलमेट में धमाकों से जवान के सि‍र को सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता नहीं होती है। इस कारण अभी तक सेना के कई जवान धमाकों में शहीद भी हो चुके हैं। जवानों के बहुमूल्य जीवन को बचाने के लिए आइआइटी रुड़की के यांत्रिक और औद्योगिक इंजीनियरिंग विभाग के प्रफेसर शैलेश गणपुले ने इस अनोखे हेलमेट को बनाया है। सेना के पारंपर‍िक हेलमेट से काफी अलग है ये प्रो शैलेश गणपुले का कहना है क‍ि वर्तमान समय में भारतीय सेना के पास जो पारंपरिक हेलमेट है, वह आमतौर पर गोली से सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। आइईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) जैसे बड़े धमाकों के समय यह हेलमेट जवानों के सर की जरूरी सुरक्षा नहीं कर पाते हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि इन पारंपरिक हेलमेट में, सि‍र और हेलमेट की ऊपरी परत के बीच खाली जगह रहती है, जो एक बड़ी खामी है। धमाके के समय विस्फोट से उठने वाली तरंगों के कारण जवानों के सर को नुकसान पहुंच सकता है। इसके विपरीत आईआईटी रुड़की की ओर से तैयार किया गया यह अनोखा हैलमेट विस्फोटक धमाकों के दौरान जवानों को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगा। यह होगी सुरक्षा प्रो. शैलेश गणपुले के अनुसार, इस अनोखे हेलमेट में जवानों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए ऊपरी परत पर एक खास तरह का पैड लगाया है। यह पैड विस्फोट के दौरान उठने वाली तरंगों के लिए शॉक आब्जर्बर का काम करता है। इस हेलमेट में मौजूद फेस शील्ड जवानों चेहरे को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। विस्फोट की तरंगों से इस फेस शील्ड को ना के बराबर क्षति पहुंचती है। आतंकवाद से जूझ रहे क्षेत्रो में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए यह हेलमेट काफी फायदेमंद साबित होगा। इतनी होगी कीमत वहीं आईआईटी रुड़की के प्रो. शैलेश गणपुले का यह भी कहना है कि इस अनोखे हेलमेट को तैयार करने में उन्हें करीब तीन साल का वक़्त लगा है। उनकी ओर से निर्मित यह हेलमेट काफी सस्ता भी है और इसकी कीमित शहर में बिकने वाले आम हैल्मेट के बराबर है। इस हेलमेट को 5 सौ से एक हजार में खरीदा जा सकता है।


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