करन खुराना, देहरादून कुम्भ 2021 में कोरोना जांच रिपोर्ट के नाम पर हुए घोटाले पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा है कि यह मामला मेरे सीएम बनने से पहले का है। हाल ही में पता चला था कुंभ के दौरान कई लाख फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाई गई थीं। गुरुवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा, 'मैंने मार्च में पदभार संभाला था। यह प्रकरण मेरे से पहले का है। मामला संज्ञान में आते ही मैंने जांच के आदेश दिए है। जिससे कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह एक गंभीर प्रकरण है। इस मामले में मानव जीवन के साथ खिलवाड़ किया गया है। एसआईटी की जांच बैठाना एक शानदार फैसला है। आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। इस फर्जीवाड़े में गुरुवार को हरिद्वार शहर कोतवाली में स्वास्थ्य विभाग से मिली तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 269, 270, 420, 468, 471, 120बी आदि धाराओं के अंतर्गत दो लैब्स पर मुकदमा दर्ज गया है। इस प्रकरण के बाद विपक्ष को भी मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की है। शुक्रवार को यूथ कांग्रेस फर्जी जांच रिपोर्ट घोटाले को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना देगी।
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