शनिवार, 19 जून 2021

Uttarakhand News: ऋषिकेश में गंगा ने पार किया खतरे का निशान, 2013 की आपदा याद कर सहमे लोग

विनीता कुमार, ऋषिकेश उत्तराखंड के पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर साल 2013 के आपदा की यादों को ताजा कर दिया है। शनिवार को गंगा अपने रौद्र रूप में नजर आई जबकि शाम होने तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगा। इससे स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए, जिसके बाद पुलिस ने ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट और मरीन ड्राईव क्षेत्र में लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। उत्तराखंड में साल 2013 में प्राकृतिक केदारनाथ त्रासदी आई थी। ऐसे में शनिवार की शाम गंगा का जलस्तर अचानक खतरे के निशान को पार कर गया, तो लोग उसे याद करके सहम गए। कुछ देर में ही गंगा खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर से भी ऊपर बहने लगी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। गंगा के तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। साथ ही प्रभावित लोगों के खाने की व्यवस्था भी की गई। वहीं संवेदनशील स्थिति को देखते हुए गंगा के घाटों पर जल और नागरिक पुलिस की तैनाती भी की गई। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वीरभद्र पशुलोक बैराज के सभी गेटों को खोल दिया गया जबकि बैराज से कुछ ही दूर पर स्थित खदरी में बने राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान और उसके हॉस्टल परिसर में पानी भर गया। भगवान का शुक्र रहा कि कोरोना काल के कारण वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था। वहीं केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी नरेश शर्मा ने बताया कि फिलहाल गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे मैदानी क्षेत्रों की परेशानी बढ़ सकती है।


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