प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में चारधाम यात्रा को स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए एक जुलाई से तथा राज्य के निवासियों के लिए 11 जुलाई से शुरू करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि एक जुलाई से चमोली जिले के निवासी बदरीनाथ मंदिर, रूद्रप्रयाग जिले के निवासी केदारनाथ तथा उत्तरकाशी जिले के निवासी गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे जबकि 11 जुलाई से यह पूरे राज्य के निवासियों के लिए प्रारंभ कर दी जाएगी।
उनियाल ने कहा कि मंदिरों में दर्शन के लिए कोविड-19 की आरटीपीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव होना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि बैठक में कोविड कर्फ्यू को कुछ रियायतों के साथ 29 जून तक बढाने का निर्णय लिया गया। कर्फ्यू की अवधि 22 जून की सुबह समाप्त हो रही थी।
उनियाल ने कहा कि जनरल मर्चेंट, परचून की दुकानें शनिवार-रविवार को छोड़ कर सप्ताह में पांच दिनों के लिये खोली जाएगी। होटल और रेस्तरां 50 प्रतिशत डाइनिंग क्षमता के साथ खुलेंगे, लेकिन वे सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक ही खोले जा सकेंगे। बार भी 50 क्षमता के साथ खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी, अर्ध सरकारी और निजी कार्यालय भी फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे जबकि आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यालय पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे।
इसके अलावा, राज्य में प्रवेश के लिये अथवा मैदान से पहाड़ पर जाने के लिये भी आरटीपीसीआर या एंटीजन रेपिड टेस्ट रिपोर्ट का नेगेटिव होना जरूरी होगा।
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