क्लेमेंटाउन थाने के प्रभारी डीएस रौतेला ने यहां बताया कि इस मामले में 'वॉक एंड विन' नशा मुक्ति केंद्र के आरोपी प्रबंधक विद्यादत्त रतूडी को मुखबिर की सूचना के आधार पर सुबह ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र से गिरफतार किया गया। थाना प्रभारी के अनुसार उससे पहले, एक अन्य आरोपी और केंद्र की निदेशक विभा सिंह को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। हांलांकि, गिरफ्तारी की भनक लगते ही रतूडी मौके से फरार हो गया था ।
पुलिस के अनुसार मामला तब सामने आया जब शुक्रवार को चार महिलाएं निदेशक को कमरे में बंद करके केंद्र से भाग निकलीं और पुलिस को उन्होंने आपबीती सुनाई।
महिलाओं ने पुलिस से शिकायत की कि नशा मुक्ति केंद्र का प्रबंधक महिलाओं को नशीला पदार्थ देने के बाद उनके साथ दुष्कर्म करता था और निदेशक उसके साथ मिली हुई थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विरोध करने पर सजा के तौर पर महिलाओं को छड़ी से पीटा जाता था या घंटों टूटी ईंटों या नुकीले स्टूलों पर बैठने को मजबूर किया जाता था ।
उन्होंने बताया कि तीन महिलाओं ने अपने साथ यौन उत्पीड़न और एक ने दुष्कर्म की शिकायत की है । उन्होंने बताया कि उसकी चिकित्सकीय रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा की जा रही है ।
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