लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने आईएमए से उत्तीर्ण हुए कैडेट को ऐतिहासिक ड्रिल चौक पर हुई रंगारंग पासिंग आउट परेड के बाद संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ विध्वसंक प्रौद्योगिकियों के प्रभाव से पारंपरिक युद्ध पूरी तरह से बदल गया है। आधुनिक युद्ध केवल सैन्य शक्तियों के बीच टकराव नहीं रह गया है बल्कि यह तरल, अव्यवस्थित, गैर संपर्क वाला और विषम युद्ध बन गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में आपको अपने नेतृत्व को गतिशील, समसामयिक और लगातार तैयारी करते रहने वाला रखना होगा।’’
जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ने कहा, ‘‘ आप अपरिभाषित खतरों, संघर्ष क्षेत्रों के विस्तार और बहुध्रुवीय जटिलताओं की अंतरगतिविधियों के युग में कदम रख रहे हैं। हमारा देश विरोधी ताकतों से जिस आंतरिक और बाहरी चुनौती का सामना कर रहा है, वे बढ़ेंगी ही क्योंकि हम नयी वैश्विक व्यवस्था में अपना निर्धारित स्थान पाने के लिए बढ़ेंगे।’’
गौरतलब है कि शनिवार को हुए पासिंग आउट परेड में 425 कैडेट अपना पाठ्यक्रम पूरा कर औपचारिक रूप से अधिकारी बने जिनमें से नौ मित्र देशों के 84 कैडेट शामिल हैं जो अपने-अपने देशों की सेना में शामिल होंगे।
कोविड- 19 महामारी के मद्देनजर समारोह मास्क, दस्ताने और सामाजिक दूरी का पालन सहित सभी एहतियातों के साथ आयोजित किया गया।
इस सामरोह में ‘कोवेटिड सॉर्ड ऑफ ऑनर’ बटालियन अंडर ऑफिसर मुकेश कुमार को प्रदान किया गया। वहीं, सर्वश्रेष्ठ कैडेट का स्वर्ण पदक एकेडमी अंडर ऑफिसर दीपक सिंह को, रजत पदक बटालियन अंडर ऑफिसर मुकेश कुमार को और कांस्य पदक अकादमी कैडेट एजटन्ट लवनीत सिंह को प्राप्त हुआ।
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