प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने यहां बृहस्पतिवार को बताया कि आरोपियों ने निवेश की राशि दोगुनी करने का वादा करने वाले ऑनलाइन एप 'पॉवर बैंक' का इस्तेमाल कर देश के करीब पांच लाख लोगों को 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाया ।
उन्होंने बताया कि सात जून को नोएडा के सेक्टर-99 से गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार पांडेय ने पूछताछ में बताया कि एप के जरिए विभिन्न योजनाओं में जमा किए गए धन को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेशों में भेजा गया । उसके कब्जे से एसटीएफ ने 19 लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और 592 सिम कार्ड बरामद किए हैं ।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ से ऐसा लगता है कि यह सिंडीकेट संभवत: चीन के घोटालेबाजों द्वारा चलाया जा रहा था । बारह मई तक गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध 'पॉवर बैंक' एप विभिन्न योजनाओं में निवेश पर आकर्षक रिर्टन्स की पेशकश कर रहा था । कुमार ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने विदेशी लिंक वाली इस ऑनलाइन धोखाधड़ी की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो, खुफिया ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से मदद मांगी है ।
इसकी जांच करने वाले एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि पुलिस को इस एप के जरिए धोखाधड़ी से संबंधित अब तक 25 शिकायतें प्राप्त हुई हैं । उन्होंने बताया कि उत्तराखंड एसटीएफ ने हरिद्वार जिले के दो व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच शुरू की थी । शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने जिस ऑनलाइन एप के जरिए एक योजना में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश किया था, वह अब गूगल प्ले स्टोर से गायब है ।
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