चमोली उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण में बादल फटने से गैरसैंण तहसील के पत्थरकटा गांव की चार गौशालाएं दब गई। मूसलाधार बारिश से जखोली ब्लॉक के जाखाल गांव की ओर बहने वाले गदेरे के उफान से मरडी गाड में जीआईसी जाखाल के 15 छात्र-छात्राएं और शिक्षक घंटों फंसे रहे। स्थानीय लोगों के प्रयासों से छात्रों व शिक्षकों को सुरक्षित निकाला गया। मूसलाधार बारिश के कारण तिलवाड़ा-मयाली-जखोली मोटर मार्ग पर जाखाल गांव के समीप गदेरा अचानक उफान पर आ गया। इस दौरान मयाली और तिलवाड़ा से जीआईसी जौखाल में जा रहे 15 छात्र-छात्राएं और शिक्षक गदेरे के उफान के चलते फंस गए। यहां गदेरे में बहकर आए मलबे और बोल्डरों से एक टापू बन गया, ये सब इस टापू में खड़े हो गए जिससे इन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। करीब डेढ़ घंटा टापू में खड़े रहे इन स्कूली बच्चों और शिक्षकों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित निकाला। इस दौरान कई वाहन भी गदेरे के उफान में बह कर आए मलबे में फंस गए। वाहन मालिकों चालकों और अन्य लोगों ने मलबे की सफाई कर वाहनों को बाहर निकाला।
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