मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने यहां संवाददाताओं को बताया कि एक जनवरी 2021 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 78.15 लाख मतदाता हैं और एक साल में मतदाताओं की संख्या में प्रदेश में 30 हजार 808 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई ।
हांलांकि, उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रकाशित निर्वाचक नामावली पर 30 नवंबर तक दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं तथा एक जनवरी 2022 को 18 वर्ष या अधिक की आयु पूर्ण करने वाले नागरिक इस अवधि में दावा प्रस्तुत कर अपना नाम जुडवा सकते हैं ।
उन्होंने बताया कि दावों और आपत्तियों का 20 दिसंबर तक निस्तारण करने के बाद पांच जनवरी 2022 को नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा । उत्तराखंड में अगले साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस बार 1200 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों को विभाजित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी मतदाता को अपने आवास से मतदेय स्थल तक पहुंचने के लिए दो किमी से अधिक पैदल दूरी तय न करनी पड़े । उन्होंने बताया कि पहले मतदेय स्थलों की संख्या 11024 थी जो अब बढकर 11647 हो गई है।
सौजन्या ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा निर्देशों के अनुसार, 80 वर्ष से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलट से मतदान की सुविधा प्रदान की जाएगी । नई नामावली के अनुसार प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 1,65,113 जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 53,900 है ।
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