प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने यहां संवाददाताओं को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से इस संबंध में नवीनतम दिशा निर्देश जारी किए गए हैं ।
उन्होंने कहा, ' आगामी विधानसभा चुनावों में 80 से ज्यादा उम्र के और दिव्यांग वोटरों के लिए एक नया प्रावधान बनाया गया है जिसके अनुसार उन्हें उनके घर से ही मतदान करने की सुविधा दी जाएगी ।'
सौजन्या ने बताया कि इसके लिए उन्हें एक अर्जी देनी होगी जिसके आधार पर उन्हें पोस्टल बैलट की सुविधा दी जाएगी । उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए तैनात किए जाने वाले अधिकारी ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनका मतपत्र लेंगे । उत्तराखंड में अगले साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है ।
उन्होंने बताया कि नई निर्वाचक नामावली के अनुसार प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 1,65,113 जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 53,900 है ।
ताजा नामावली के अनुसार प्रदेश में एक जनवरी, 2022 की अर्हता तारीख के अनुसार कुल मतदाताओं की संख्या 78.46 लाख है । एक जनवरी 2021 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 78.15 लाख मतदाता थे और इस प्रकार प्रदेश में एक साल में मतदाताओं की संख्या में 30 हजार 808 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई ।
हांलांकि, उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रकाशित निर्वाचक नामावली पर 30 नवंबर तक दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं तथा एक जनवरी 2022 को 18 वर्ष या अधिक की आयु पूर्ण करने वाले नागरिक इस अवधि में दावा प्रस्तुत कर अपना नाम जुडवा सकते हैं ।
उन्होंने बताया कि दावों और आपत्तियों का 20 दिसंबर तक निस्तारण करने के बाद पांच जनवरी 2022 को नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा ।
अधिकारी ने बताया कि इस बार 1200 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों को विभाजित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी मतदाता को अपने आवास से मतदेय स्थल तक पहुंचने के लिए दो किमी से अधिक पैदल दूरी तय न करनी पड़े । उन्होंने बताया कि पहले मतदेय स्थलों की संख्या 11024 थी जो अब बढकर 11647 हो गई है।
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