देहरादून उत्तराखंड के देहरादून में लोगों से ड्रग्स की लत छुड़वाने के लिए चलने वाले प्राइवेट में युवतियों से जबरन रेप करने का मामला सामने आया है। सेंटर की डायरेक्टर पर लड़कियों को ड्रग्स देने और मैनेजर पर रेप करने का आरोप लगा है। विरोध करने पर लड़कियों की पिटाई भी की जाती थी। सेंटर से किसी तरह भागकर आईं 4 लड़कियों ने पुलिस में केस दर्ज कराया, जिसके बाद डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि मैनेजर फरार है। पिछले सप्ताह गुरुवार की सुबह साढ़े 5 बजे लड़कियों ने सेंटर की डायरेक्टर को रुम में लॉक किया और भागने में कामयाब रहीं। 19 से 26 साल की लड़कियों में से एक ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में बताया, 'मैं बीते 26 मई से ही रिहैबिलिटेशन सेंटर में थी। शुरू में तो मेरे साथ बहुत अच्छा व्यवहार हुआ। एक महीने बाद मेरी मां मुझसे मिलने आईं तो मैंने सेंटर पर ही रुककर स्वस्थ होने की इच्छा जाहिर की। लेकिन इसके बाद सेंटर की काली करतूत सामने आने लगी।' उन्होंने बताया कि एक दिन वॉशरुम में कुछ लड़कियां ड्रग्स ले रही थीं। पूछने पर पता चला कि मैनेजर के साथ यौन संबंध बनाने पर जितना चाहो उतना ड्रग्स मिल जाएगा। वहां लड़कियों को ड्रग्स के नाम पर जबरन रेप किया जाता और इनकार करने पर डंडे से पिटाई की जाती। इतना ही नहीं, सजा के तौर पर नुकीले कोने वाले स्टूल या फिर टूटी हुई ईंट पर भी कई घंटे तक बैठाया जाता था। जबरन संबंध बनाने के अलावा बर्तनों की धीमी धुलाई या फिर तेज आवाज में बातचीत जैसी चीजों के लिए भी सजा दी जाती थी। क्लिमेंट टाउन पुलिस स्टेशन के एसएचओ डी एस रौतेला ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद डायरेक्टर विभा सिंह (48) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मैनेजर विद्यादत्त रातुरी (48) फरार है। लड़कियों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद रेप का चार्ज जोड़ा जाएगा। देहरादून जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय ने बताया कि ऐसे प्राइवेट सेंटर के लिए कोई नियम या गाइडलाइन नहीं है। ऐसे में इन पर कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।
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