गुरुवार, 2 जुलाई 2020

आधे दामों पर बेचते थे 100-200 के नोट, पुलिस ने यूं किया नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़

करन खुराना, टनकपुर उत्तराखंड के टनकपुर में पुलिस ने छापने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चंपावत लोकेश्वर सिंह के दिशा निर्देश में वन तस्करी,मादक पदार्थो की तस्करी के खिलाफ चल रही सघन चेकिंग के दौरान चंपावत जिले के टनकपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 3 आरोपियों को 4 लाख की जाली नगदी के साथ गिरफ्तार किया है, सारी नगदी नकली थी,और इस नगदी को चलाने के लिए 2 आरोपी अन्य जिलों में जा रहे थे। प्रभारी निरीक्षक टनकपुर धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 4 लाख जाली नोट की खेप के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। आरोपी हरदेव एक जन सुविधा केंद्र चलाता है, जिसमें लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर आदि उपकरण उपलब्ध रहते हैं। इन्ही उपकरणों का इस्तेमाल करके जाली नोट बनाए जाते थे। आरोपी हरदेव नोट बनाता था और इसके दो सहयोगी ब्रज किशोर और रियाज अन्य जिलों में नोटों को चलाने का जुगाड़ करते थे। आधे दामों पर बेचते थे नोट धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 100-200 के नोट को स्कैन करके फोल्डर बनाते थे,फिर उसका नम्बर बदल कर अलग सीरीज के नोट छाप देते थे, उसके बाद बाजार में रिजेक्टेड नोट बताकर लोगों को लालच देते थे और आधे दाम में नोट की खेप बेच आया करते थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने हाल ही में यह काम शुरू किया है, लेकिन प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि लैपटॉप में जो जांच की गई है उसमें मार्च 2019 के फोल्डर भी मिले हैं, तो उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कार्य पिछले 1 साल से चल रहा है। यूं चलाते थे नकली नोट आरोपियों पर आईपीसी की धारा 489(ए)(सी)(डी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के द्वारा 2 लाख की खेप 1 लाख में लालच देकर यह कह कर चला दी जाती थी कि यह रिजेक्टेड नोट हैं,नकली नोट नही हैं। इन जाली नोट के बनाने का अनुमान अगर लगाया जाए तो 1800 ₹ की रिफिल में तकरीबन 1000 नोट निकलते थे।


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