देहरादून कोरोना संकट से जंग में उत्तराखंड के मंत्री और विधायक भी सहयोग करेंगे। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के बाद अब यहां के मंत्रियों और विधायकों वेतन में भी 30 फीसद की कटौती की गई है। साथ ही विधायक निधि में दो साल के लिए एक-एक करोड़ की कटौती होगी। इसके अलावा राज्य कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि केंद्र सरकार को लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। कैबिनेट में लिए अन्य निर्णयों के अनुसार, एपीएल परिवारों को तीन माह तक 15 किलो राशन मिलेगा। प्रदेश में करीब 11 लाख परिवार हैं। बैठक में स्वास्थ्य विभाग में तकनीशियनों की भर्ती के लिए नियमावली को मंजूरी दी गयी। 347 पद पर भर्ती होगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक में गृह, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, खाद्य आपूर्ति सहित अन्य कुछ विभागों से लॉकडाउन के दौरान रही स्थितियों पर मांगी रिपोर्ट को सभी मंत्रियों के साथ भी साझा किया। कैबिनेट बैठक में कोरोना टेस्ट की जांच में तेजी लाने का भी निर्णय हुआ। राज्य के पास 823 पॉजिटिव मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड हैं। 251 वेंटिलेटर , 455 आईसीयू , 31 हज़ार 77 एन-95 मास्क राज्य के पास उपलब्ध है। राज्य में कोरोना के लिए अवश्यकता अनुसार पर्याप्त इंतजाम है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कर चुके हैं वेतन में कटौती आपको बता दें कि कोरोना वायरस से लड़ाई में देश के संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपालों ने स्वेच्छा से अपने वेतन में कटौती का फैसला किया है। यह रकम भारत की संचित निधि में जमा होगी। इसके अलावा, सभी सांसदों के वेतन में साल भर के लिए 30 प्रतिशत की कटौती होगी। केंद्र से प्रेरणा लेते हुए हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भी अपने यहां मंत्रियों और विधायकों के वेतन में 30 परसेंट कटौती कर दी। साथ ही एक साल तक विधायक निधि को भी सस्पेंड कर दिया।
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