देहरादून, 18 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करके उससे लॉकडाउन के दौरान वकीलों एवं अदालतीय लिपिकों को मासिक निर्वहन भत्ता देने का निर्देश देने की गुजारिश की गयी है। जनहित याचिका के अनुसार लॉकडाउन और सामाजिक मेल-जोल से दूरी का वकीलों के आय के मौकों पर असर पड़ा है क्योंकि विभिन्न संबंधित गतिविधियां थम गयी हैं। याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने शनिवार को बताया कि अदालत से दरख्वास्त किया गया है कि वह राज्य सरकार और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को इस लॉकडाउन अवधि के लिए वकीलों को प्रतिमाह 10000 रूपये और लिपिकों को 5000रूपये प्रतिमाह का निर्वहन भत्ता देने का निर्देश दें। जनहित याचिका में यह भी गुजारिश की गयी है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को वकीलों के लिए अलग राहत दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया जाए एवं किस्तों पर बैंक ब्याज माफ किया जाए। निर्वहन भत्ता बार काउंसिल ऑफ इंडिया के हर वकील एवं पंजीकृत हर लिपिक के लिए मांगा गया है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
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