सुप्रभात।
कदमों में आ गई है मंजिल
सुना है अब मुझ से मुँह मोड़ने के बाद
शुक्र है खुदा का तुम्हें मंजिल तो मिली
मुझें छोड़ने के बाद..
हाँ मैं बहुत खुश हूँ.. जानकर
हमारे रास्ते अब अलग हो चुके है..
तुम्हें मंजिल तो मिल गयी आखिर..
मंजिल बदलने के बाद..
निरंतर चलने वालों के क़दमों में
आख़िर मंज़िल आ ही जाती है।
#मंज़िल #yqdidi #YourQuoteAndMine
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