शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

अक्सर आज भी ना जाने (Shayari- Poetry)

तुम्हारी फ़िक्र होती है...

अक्सर आज भी ना जाने 
क्यों.. किसलिये

अजब नजारा है
इस महामारी में मेरे आस-पास का
फिर भी ना जाने सिर्फ क्यों..
तुम्हारी फिक्र होती है

बोलना.. बताना.. सुनना.. मनाना.. 
समझाना.. बहुत कुछ है तुमको.. 
अक्सर तेरी फिक्र से..
मेरी ये ही जिक्र होती है







#फ़िक्रहोतीहै #collab #yqdidi  #YourQuoteAndMine
Collaborating with YourQuote Didi

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