देहरादून, 11 मई (भाषा) गांवों में लौट रहे प्रवासियों के रहने, खाने और पृथक किए जाने की व्यवस्था ग्राम प्रधानों को दिए जाने के उत्तराखंड सरकार के निर्णय को अनुचित और असंभव बताते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि इतनी बड़ी संख्या को सिर्फ प्रधानों के भरोसे छोड़ देना हतप्रभ करने वाला फैसला है। यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा लाए जा रहे प्रवासियों की संख्या सरकारी आंकडों के हिसाब से बहुत अधिक है और ऐसे में उन सभी के रहने, खाने और उन्हें पृथक किए जाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को देने का निर्णय अनुचित और असंभव है । सिंह ने कहा कि अच्छा होता कि राज्य सरकार प्रवासियों की स्वास्थ्य जांच एवं पृथक करने की व्यवस्था बेस कैम्प में करती तथा संख्या बढ़ने की हालत में जिला या ब्लाक स्तर पर सहयोग लिया जाता । उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ प्रधानों के भरोसे पूरी व्यवस्था सौंप देना हतप्रभ करने वाला निर्णय जान पड़ता है।’’ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार से भारी तादाद में आ रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को रोजगार उपलब्ध कराने का खाका बताने को भी कहा। उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में बेरोजगारों की एक लम्बी कतार पहले से ही मौजूद है और ऐसे में राज्य सरकार इन प्रवासियों को किन क्षेत्रों में रोजगार देकर समायोजित करने वाली है, उसका खाका उसे सबको बताना चाहिए।’’ किसानों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि आज किसान अत्यधिक विकट एवं विषम परिस्थितियों से जूझ रहा है। भारी ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के कारण उसकी कमर टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को किसानों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए ऋण माफी करनी चाहिए तथा उन्हें बर्बाद फसलों का मुआबजा देना चाहिए।
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