बुधवार, 13 मई 2020

चारधाम यात्रा: पांडुकेश्वर गांव के 4 और ग्रामीणों को मिली बदरीनाथ धाम जाने की अनुमति

महेश पांडे, देहरादून के कपाट खोलने के लिए जा रहे मुख्य पुजारी रावल बद्री प्रसाद नम्बूदरी के नेतृत्व में शंकराचार्य की गद्दी बुधवार को पांडुकेश्वर पहुंची। जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर, नवदुर्गा समेत अन्य मंदिर में बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ने विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान नृसिंह मंदिर में महिलाओं ने भगवान बदरीनाथ की स्तुति और मंगल गीत गाए और फूल वर्षा की। शंकराचार्य की गद्दी के पहुंचते ही कुछ और ग्रामीणों ने डोली लेकर बदरीनाथ जाने की इच्छा जताई। इस दौरान उन्होंने अनुमति देने की मांग जोरशोर से उठानी शुरू कर दी। आक्रोशित ग्रामीणों की मांग को देख प्रशासन ने पांडुकेश्वर गांव के चार और ग्रामीणों को भी बदरीनाथ धाम जाने की अनुमति दी है। पांडुकेश्वर योग-ध्यान मंदिर से गुरुवार को रवाना होने वाली उद्धव, कुबेर की डोली ले जाने के लिए यह अनुमति चार हक-हकूकधारियों को मिलने के साथ ही अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान अनुमति पाने वालों की संख्या 31 हो गई है। इससे पहले प्रशासन ने बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन के मौके पर पांडुकेश्वर से बारीदार के पांच लोगों को ही बदरीनाथ धाम जाने की अनुमति दी थी, लेकिन ग्रामीण पांडुकेश्वर से कुबेर की डोली ले जाने के लिए अनुमति नहीं मिलने से आक्रोशित थे। ग्रामीणों का कहना था कि हक-हकूकधारियों को ही धाम में जाने से रोका जा रहा है। 15 मई सुबह 4.30 बजे खोले जाएंगे भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट बदरीनाथ के कम्दी थोक के अध्यक्ष जगदीश पंवार ने कहा कि धाम का गर्भगृह, भोग मंडी और भंडार गृह उनके अधीन है। साथ ही कुबेर जी और उद्धव जी की पालकी के साथ आठ लोग कपाट खोलने के मौके पर बदरीनाथ जाते हैं। पर इस बार सिर्फ पांच लोगों को ही अनुमति दी गई है, जो गलत है। अब चार और लोगों को ये अनुमति मिलने से पांडुकेश्वर से नौ लोग बदरीनाथ धाम जाएंगे। 14 मई को पांडुकेश्वर से भगवान बदरीनाथ की उत्सवमूर्ति उद्धव जी और कुबेर की की मूर्ति बदरीनाथ धाम को रवाना होगी। 15 मई सुबह 4.30 बजे भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।


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