देहरादूनदेश में अपने किस्म की पहली नैनो साइंस और टेक्नॉलजी प्रयोगशाला को स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ () के तत्कालीन सरसंघचालक (रज्जू भैया ) की स्मृति में समर्पित कर दिया गया। इसका शुभारंभ तरुण विजय ने किया, जिन्होंने अपनी सांसद निधि से इस प्रयोगशाला के लिए पचास लाख रुपये दिए थे। तरुण विजय ने कहा कि उत्तराखंड में उच्च विज्ञान की शिक्षा, विशेषकर नैनो साइंस के लिए सुविधा नहीं थी इसलिए उन्होंने इसकी स्थापना में सहयोग किया। नैनो साइंस कैंसर की चिकित्सा के साथ-साथ कचरे को बहुमूल्य ग्राफेन पदार्थ बनाने के काम आती है, जिसका जल शुद्धिकरण में उपयोग होता है। रक्षा और चिकित्सा के संवेदनशील शोध में नैनो साइंस की बहुत बड़ी भूमिका है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रफेसर केएस राना ने कहा, 'इस प्रयोगशाला से नैनीताल के प्लास्टिक कचरे से ग्राफेन बनाने के प्रयोग सफल हुए हैं, जिसके लिए हम तरुण विजय को सहायता के लिए धन्यवाद देते हैं।' उन्होंने कहा कि प्रफेसर राजेंद्र सिंह का जीवन विज्ञान और समाज सेवा का अद्भुत मेल था इसलिए उनकी स्मृति को समर्पित यह उच्च विज्ञान प्रयोगशाला छात्रों को प्रेरणा देगी। लैब के शुभारंभ के दौरान विश्वविद्यालय के नैनो साइंस विभाग के प्रमुख प्रफेसर नंद गोपाल साहू समेत अन्य वरिष्ठ विभागों के अध्यक्ष मौजूद थे।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/2LscTAA
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें