शनिवार, 29 फ़रवरी 2020

गंगा पूजन कर रहे उत्तराखंड के मुख्‍य न्‍यायाधीश का पैर फिसला, गंगा में बहने से बाल-बाल बचे

देहरादून शनिवार को गंगा नदी में गिरने से बाल-बाल बचे। न्यायाधीश टिहरी जिले के मार्ग में पड़ने वाले तीर्थ के संगम पर गंगा पूजन कर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया लेकिन पुलिसकर्मियों की तत्‍परता से बड़ी अनहोनी टल गई। शनिवार को मुख्य न्यायाधीश आर रंगनाथन अपनी पत्‍नी के साथ देवप्रयाग तीर्थ दर्शन को पहुंचे। दक्षिण भारत में भगवान रघुनाथ की विशेष महत्ता के चलते उन्होंने श्रीरघुनाथ मंदिर में पूजा अर्चना कर मुख्य पुजारी सोमनाथ भट्ट से आदिगुरु शंकराचार्य और मंदिर के बारे में जाना। उसके बाद वह संगम स्थल पर गंगा पूजन और दर्शन के लिए गए। पूजा के लिए जैसे ही वह गंगा नदी की ओर बढ़े तो उनका पांव फिसल गया। सीओ नरेंद्रनगर प्रमोद शाह ने उन्हें थाम लिया और उन्‍हें और आगे फिसलकर जाने से बचा लिया। इसके बाद जस्टिस रंगनाथन सकुशल गंगा नदी से बाहर आ गए।


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‘‘आर्द्रभूमि के संरक्षण में तेजी से किया जा सकता है नदियों का पुनरुद्धार’’

देहरादून, 29 फरवरी (भाषा) रुड़की जल सम्मेलन में कहा गया है कि आर्द्रभूमि को संरक्षित करने के कार्य में तेजी के जरिये गंगा और उसकी सहायक नदियों का संरक्षण किया जा सकता है। रुड़की जल सम्मेलन, 2020 के समापन पर शुक्रवार रात को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन ने कहा, ‘‘आर्द्रभूमि सभी परियोजनाओं में महत्वपूर्ण निभाती हैं चाहे निर्मल धारा हो, अविरल धारा हो या नमामि गंगे। आर्द्रभूमि को संरक्षित करने के कार्य में तेजी के जरिये गंगा और उसकी सहायक नदियों के पुनरुद्धार पर एक बड़ा प्रभाव पड़ेगा।’’ नमामि गंगे पर उन्होंने वनीकरण योजनाओं, जैविक और स्थायी खेती के उपायों, आर्द्रभूमि के संरक्षण के माध्यम से भूजल पुनर्भरण पर प्रकाश डाला। रंजन ने कहा कि जलवायु, शहरीकरण, आर्थिक विकास आदि की मौजूदा स्थितियों के आधार पर जल गुणवत्ता मानकों का अद्यतन किया जाना चाहिए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान,रुड़की द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के जल विज्ञान संबंधी पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया।


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शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020

राज्य कांग्रेस में कोई फूट नहीं: अनुग्रह नारायण सिंह

पिथौरागढ, 28 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर पार्टी की उत्तराखंड इकाई में फूट के बारे में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और सत्तारुढ़ भाजपा को 2022 में होने वाले अगले विधानसभा चुनावों में अपना गढ़ बचाने की चुनौती दी। उत्तराखंड में पार्टी मामलों के कांग्रेस प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने बताया, ‘‘प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अनबन की बात केवल हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों द्वारा फैलाया गया भ्रम है। हम पूरी तरह से एकजुट हैं और 2022 विधानसभा चुनावों में भाजपा को परास्त करने को तैयार हैं।’’ अपनी बात के समर्थन में हाल में हल्द्वानी में पार्टी की लालटेन रैली का उदाहरण देते हुए सिंह ने कहा कि 'केसरिया कुशासन' को उखाड फेंकने का आह्वान करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हदयेश और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख प्रीतम सिंह सहित पार्टी के सभी दिग्गज एक साथ एक मंच पर थे।


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गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020

विकास के लिये कर का भुगतान ईमानदारी से कीजिए: प्रसाद

देहरादून, 27 फरवरी :भाषा: केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि विकास कार्यों के लिए देश में अधिक धन इकटठा हो इसके ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईमानदारी से अपने कर का भुगतान करना चाहिए । यहां आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की सर्किट बेंच का उदघाटन करने के बाद प्रसाद ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की इस चिंता से सहमत हैं कि देश की कुल जनसंख्या का एक बहुत छोटा प्रतिशत कर का भुगतान कर रहा है । उन्होंने कहा, '130 करोड की जनसंख्या वाले देश में केवल दो करोड लोग टैक्स पेइंग प्रोफेशनल्स की श्रेणी में आते हैं । जहां लोग समृद्ध हो रहे हैं, क्या वहां यह उचित है ?' केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मोदी के नेतृत्व में हम एक ज्यादा ईमानदार भारत बनाने का प्रयास कर रहे हैं । ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईमानदारी से अपना कर भरना चाहिए । सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इससे इकटठा हुआ पैसा देश के विकास में लगे ।' प्रसाद ने कहा कि देहरादून में न्यायाधिकरण की सर्किट बेंच स्थापित होने से राज्य के लोगों को अपील की सुनवाई के लिये बार-बार दिल्ली जाने में होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देहरादून में न्यायाधिकरण की सर्किट बेंच राज्य के लोगों के लिये एक बहुत बडा उपहार है जिससे राज्य के लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी । उत्तराखंड के नयी दिल्ली बेंच में लंबित चल रहे 800 मामलों को इस नई बेंच को स्थानांतरित कर दिया जायेगा । न्यायाधिकरण के अध्यक्ष पीपी भटट ने कहा कि देहरादून में न्यायाधिकरण की सर्किट बेंच की स्थापना न्याय को जनता के दरवाजे तक पहुंचाने का प्रयास है ।


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सीएए पर पीछे हटने का सवाल नहीं: रविशंकर प्रसाद

देहरादून, 27 फरवरी :भाषा: केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून :सीएए: के मसले पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है, हालांकि सरकार इसका विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास करेगी। यहां आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की सर्किट बेंच का उदघाटन करने के बाद प्रसाद ने कहा, 'आखिरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता क्यों नहीं दी जानी चाहिए ? .... सीएए पर हमारे पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है ।' धर्मों के प्रति भारत के उदार दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए उन्होंने पारसियों का उदाहरण दिया जिन्होंने इस देश को अपना घर बना लिया । उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध कर रहे लोगों को सरकार समझाने का प्रयास करेगी । हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोये हुए लोगों को तो जगाया जा सकता है लेकिन जागते हुए सो रहे लोगों को नहीं । केंद्रीय मंत्री ने कहा, ' हम सीएए पर पीछे नहीं हट सकते लेकिन हम लोगों को समझाना जारी रखेंगे । हालांकि, सच्चाई यह है कि हम केवल उन्हीं लोगों को जगा सकते हैं जो सो रहे हैं न कि उन्हें जो जागते हुए सो रहे हैं ।' उन्होंने कहा, ' भारत जिंदादिल लोगों का देश है और यह गुण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अहमदाबाद में भारी संख्या में लोगों के जबरदस्त स्वागत में भी दिखा । लेकिन उसी के साथ हम एक सख्त देश भी हैं जिसे डराया नहीं जा सकता । ' केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सिद्धांतों का सार बताते हुए उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियों ' क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो ।' का उल्लेख भी किया । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सउदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मस्कट, बहरीन, अफगानिस्तान और इजरायल सहित करीब छह देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया है ।


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सीएए पर पीछे हटने का सवाल नहीं : रविशंकर प्रसाद

देहरादून, 27 फरवरी :भाषा: केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून :सीएए: के मामले में पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है, हालांकि सरकार इसका विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास करेगी । प्रसाद ने कहा, 'आखिरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता क्यों नहीं दी जानी चाहिए ? .... सीएए पर हमारे पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है ।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीएए का विरोध कर रहे लोगों को सरकार समझाने का प्रयास करेगी । हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोये हुए लोगों को तो जगाया जा सकता है लेकिन जागते हुए सो रहे लोगों को नहीं । प्रसाद ने कहा कि सभी धर्मों का शांतिपूर्ण सहअस्तित्व भारतीय परंपरा है ।


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19 साल की उम्र में बनाई कंपनी, 24 साल में बने ₹8000 करोड़ के मालिक

हुरुन रिच लिस्ट 2020 में अब ओयो के फाउंडर और 24 साल के सबसे युवा भारतीय रितेश अग्रवाल को भी जगह मिली. उनकी नेटवर्थ करीब 8,000 करोड़ रुपये है. ओयो रूम्स देश की कामयाब इंटरनेट कंपनियों की लिस्ट में फ्लिपकार्ट (20 अरब डॉलर) और पेटीएम (10 अरब डॉलर) के बाद तीसरी कंपनी बन गई है.

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बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

चार धामों सहित उत्तराखंड के मंदिरों की आरती को लाइवस्ट्रीम करेगा जिओ

देहरादून, 26 फरवरी (भाषा) रिलायंस जिओ उत्तराखंड में स्थित चारधामों सहित प्रमुख मंदिरों में होने वाली 'आरती' लाइवस्ट्रीम करेगा । इससे खासतौर पर वे श्रद्धालु लाभान्वित होंगे जो किसी कारणवश इन धामों की यात्रा नहीं कर सकते । यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, दूरसंचार कंपनी जल्द ही एक डिजीटल प्लेटफार्म तैयार कर उसे उत्तराखंड सरकार को उपलब्ध करायेगा जिससे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित धार्मिक स्थलों का दर्शन किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं लेकिन लाखों अन्य लोग ऐसे भी हैं जो पूरी श्रद्धा होने पर भी किन्हीं कारणों से यहां नही आ पाते हैं । ऐसे श्रद्धालुओं के लिये राज्य सरकार जिओ के सहयोग से ऑनलाईन व्यवस्था करने जा रही है। वर्ष 2018 में उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट से पहले मुम्बई में आयोजित रोड शो के दौरान मुकेश अंबानी ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुलाकात के दौरान डिजिटल उत्तराखण्ड के लिए नेट कनेक्टीवीटी में सहयोग का प्रस्ताव दिया था। इसी क्रम में जिओ ने फाईबर कनेक्टिविटी पर काम किया जहां लगभग 89 प्रतिशत काम किया जा चुका है। इसके लिए मुख्यमंत्री रावत ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘चार धाम और दूसरे प्रमुख मंदिरों के लाईन दर्शन से दुनिया भर के लोग उत्तराखण्ड की आध्यात्मिकता से परिचित होंगे। शारीरिक अस्वस्थता या अन्य दूसरे कारणों से आने में असमर्थ श्रद्धालु चारधाम का दर्शन लाभ कर सकेंगे।’


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आईआईटी रूड़की में जल सम्मेलन

देहरादून, 26 फरवरी (भाषा) केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष आर के जैन ने जल स्रोतों पर वैश्विक तापमान में बढोत्तरी के प्रभावों से निपटने के लिए नयी प्रणाली बनाने पर जोर दिया है। वह आईआईटी रूड़की में बुधवार को शुरू हुए जल सम्मेलन में बोल रहे थे। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जैन ने कहा, ‘‘पूर्व में बनायी गयी योजनाएं और अनुमान बुरी तरह विफल हो गये हैं। हमारे जल स्रोतों पर वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि के प्रभावों के मद्देनजर नयी चुनौतियों से निपटने के लिए हमें नई प्रक्रिया विकसित करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में मौजूद स्वच्छ जल का करीब चार प्रतिशत भारत के पास है जबकि उसके पास केवल 2.4 फीसदी भूमि क्षेत्र है। लेकिन ज्यादा जनसंख्या होने के कारण हमारे जल स्रोतों पर बहुत ज्यादा दवाब है।’’ 28 फरवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के हाइड्रोलॉजिकल पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जिसमें अमेरिका, स्पेन, जर्मनी, जापान, नीदरलैंड और ब्रिटेन जैसे कई देशों के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का आयोजन रूड़की आईआईटी द्वारा नेशनल इंस्टीटयूट आफ हाइड्रोलॉजी के सहयोग से किया जा रहा है।


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मुख्यमंत्री देवस्थानम अधिनियम पर दुराग्रह छोडें या परिणाम भुगतें: तीर्थ पुरोहित

देहरादून, 26 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से तीर्थ—पुरोहितों ने चारधामों सहित प्रदेश के 50 से ज्यादा मंदिरों का नियंत्रण सरकारी हाथों में लेने के लिये हाल में पारित देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम को लेकर अपना 'दुराग्रह' छोड़ने या परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। गंगोत्री मंदिर समिति के पूर्व प्रमुख अशोक सेमवाल ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने इस मसले पर अड़ियल रूख अपनाया हुआ है जो उनके लिए अच्छी बात नहीं है। उन्हें यह समझना चाहिए कि अधिनियम को खत्म करने की अपनी मांग से हम नहीं हटेंगे।’’ उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा में देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम लाये जाने से पहले तीर्थ—पुरोहित समाज को विश्वास में भी नहीं लिया गया और इसीलिए पूरा समाज आज अपमानित महसूस कर रहा है। सेमवाल ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों की मुख्य शिकायत यह है कि इतना बड़ा निर्णय किये जाने से पहले सरकार ने उनकी पूरी तरह अनदेखी की जबकि इससे उन पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि तीर्थ—पुरोहितों के हितों की अनदेखी 'न तो त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के लिये और न ही उत्तराखंड की आर्थिकी की जीवनरेखा मानी जाने वाली चार धाम यात्रा के लिए ही अच्छी' होगी। सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय में वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर जनहित याचिका तीर्थ पुरोहितों के सामूहिक प्रयास का ही नतीजा है। उन्होंने बताया कि चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित मंदिरों के संचालन के लिये अधिनियम के तहत सरकारी संस्था का गठन किये जाने के खिलाफ अलग से भी अदालत में एक याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तीर्थ पुरोहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी दखल देने का आग्रह करेंगे। इस बीच, स्वामी द्वारा इस संबंध में दायर याचिका पर कल सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है।


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उत्तराखंड: नए कानून से नाराज चार धाम के पुजारियों की चेतावनी, 'होगी 2013 से बड़ी विभीषिका'

देहरादून/नैनीताल ने हाल ही में चार धाम देवस्थानम मैनेजमेंट ऐक्ट पारित किया जिस पर केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के पुजारी नाराज हो गए हैं। दरअसल, इस ऐक्ट के तहत सरकार को चारों धामों समेत करीब 50 मंदिरों पर अधिकार मिल जाता है। यहां तक की पुजारियों ने श्रद्धालुओं को यह चेतावनी भी दे दी है कि वे इन धर्मस्थलों पर न जाएं क्योंकि यहां 2013 से भी भयानक त्रासदी हो सकती है। करीब सात साल पहले भीषण बाढ़ ने इस राज्य को तहस-नहस कर दिया था। ...अधूरी रह जाएगी श्रद्धालुओं की यात्रा गंगोत्री मंदिर के मुख्य पुजारी शिव प्रकाश ने मंगलवार को उत्तरकाशी में बताया, 'इस कानून से मंदिरों का अधिकार लेकर राज्य सरकार धर्म और लोगों के विश्वास के साथ केल रही है। अगर वे कानून को खत्म नहीं करते हैं तो 2013 की बाढ़ से भी ज्यादा भीषण कुछ हो जाएगा।' शिव प्रकाश इससे पहले गुजरात, राजस्थान और दिल्ली में लोगों से इस साल विरोध के तौर पर चार धाम की यात्रा न करने के लिए कह चुके हैं। अब वह असम जाने वाले हैं। गंगोत्री धाम के एक और पुजारी राजेश सेमवाल ने बताया, 'अगर राज्य ने कानून वापस नहीं लिया तो पुजारी मंदिर के कर्मकांडों का बहिष्कार करेंगे और श्रद्धालु पूजा नहीं कर सकेंगे और उनकी यात्रा अधूरी ही रहेगी।' कानून पर स्टे लगाने की मांग इस कानून के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के राज्य सभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामीपहले ही उत्तराखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। उन्होंने कहा है, 'चीफ जस्टिस रमेश रंगनाथन और जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की डिविजन बेंच ने सरकार को तीन हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।' उन्होंने ऐक्ट पर स्टे लगाने की मांग भी कोर्ट के सामने रखी। सरकार ने बताया राजनीतिक स्टंट सरकार की ओर से ऐडवोकेट जनरल एसएन बाबलुकर और चीफ स्टैंडिंग काउंसिल परेश त्रिपाठी ने कानून का बचाव करते हुए कहा कि देश के संविधान का पालन करते हुए यह कानून पास किया है। उन्होंने इसके खिलाफ दाखिल की गई याचिका को राजनीतिक स्टंट करार दिया है और इसे रद्द करने की मांग की है।


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मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान किया

देहरादून, 25 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मंगलवार को प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी । यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, 34 सदस्यीय कार्यसमिति में दो विधायकों समेत आठ पार्टी नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गयी है जिनमें खजान दास, पुष्कर सिंह धामी और देवेंद्र भसीन प्रमुख हैं । अजय कुमार, राजेंद्र भंडारी और कुलदीप कुमार को प्रदेश महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है । विनय गोयल सहित छह नेताओं को प्रदेश प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी दी गयी है ।


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उच्च न्यायालय ने देवस्थानम अधिनियम पर राज्य सरकार को नोटिस भेजा

नैनीताल, 25 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा देवस्थानम अधिनियम की संवैधानिकता को चुनौती देने और उसे समाप्त किये जाने संबंधी दायर याचिका पर आज राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए उससे इस संबंध में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है । पिछले साल दिसंबर में राज्य विधानसभा में पारित इस अधिनियम में राज्य सरकार के स्वामित्व वाले एक बोर्ड को चारधाम -- बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित प्रदेश में मौजूद अन्य मंदिरों का प्रबंधन का अधिकार दिया गया है । इन मंदिरों का प्रबंधन अब तक पारंपरिक रूप से पुजारियों के हाथों में था । स्वामी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश खुल्बे की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया तथा राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा । स्वामी ने कल दायर अपनी जनहित याचिका में कहा है कि चारधामों पर अधिकार का उत्तराखंड सरकार का दावा कानूनी रूप से गलत है । याचिका में यह बिंदु भी उठाया गया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सरकार द्वारा ऐसा कोई भी अधिकार स्थायी रूप से बनाये नहीं रखा जा सकता । याचिका में स्वामी ने कहा कि पिछले 70 सालों में सरकारों द्वारा मस्जिदों और गिरजाघरों के विपरीत केवल मंदिरों को ही नियंत्रित किया गया है । याचिका में कहा गया है कि वर्तमान सरकार ने भी अपने घोषणापत्र में मंदिरों को सरकारी तंत्र से मुक्त रखने का वादा किया था । उन्होंने कहा कि चारधाम देवस्थानम अधिनियम को निरस्त किया जाना चाहिए ।


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देवस्थानम ऐक्ट के खिलाफ दायर याचिका में कोर्ट ने पक्षकारों से तीन हफ्ते में मांगा जवाब

नैनीताल उत्तराखंड के विरोध में बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा में दायर की गई याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन तथा न्यायमूर्ति रमेश खुल्बे की खंडपीठ में मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए पूरे मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। बहस के दौरान सरकार को ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी मौजूद रहे। सुब्रमण्यन स्वामी ने इस अधिनियम को असंवैधानिक करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन करार दिया। सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में साफ कहा है कि सरकार मंदिर का प्रबंधन हाथ में नहीं ले सकती। उन्होंने चारधाम देवस्थानम ऐक्ट रद्द किए जाने की मांग की। सुब्रमण्यन स्वामी ने कोर्ट के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा तमिलनाडु केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है मंदिरों का प्रबंधन स्थायी रूप से नहीं ले सकती है। इसलिए उत्तराखंड सरकार ने 13 जनवरी 2020 को जो ऐक्ट पारित किया, वो संविधान का उल्लंघन करते हुए पारित किया गया। स्वामी ने कहा कि जब तक मामले की सुनवाई जारी है। तब तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने सरकार से इस मामले पर भी जवाब दाखिल करने को कहा है। सरकार ने 13 जनवरी 2020 को चारधाम देवस्थानम ऐक्ट पास किया था, जिसमें 51 मंदिरों को शामिल किया था। इसका पंडा-पुरोहित लगातार विरोध कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि स्वामी ने राजनीति से प्रेरित होकर प्रचार के लिए यह जनहित याचिका दाखिल की है। यह जनहित याचिका नहीं प्रचार और राजनीतिक स्टंट पर आधारित याचिका है। याचिका खारिज हो। कोर्ट ने सरकार से चढ़ावे की रकम का प्रबंधन कैसे किया जाता है, यह भी पूछा। नैनीताल स्थित होटल में पत्रकारों से बातचीत में सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में साफ कहा है कि सरकार मंदिर का प्रबंधन हाथ में नहीं ले सकती। वित्तीय गड़बड़ी होने पर सरकार अल्पकालिक प्रबंधन ले सकती है लेकिन सुधार के बाद सरकार को प्रबंधन सौंपना होगा। उन्होंने साफ कहा कि मंदिर का संचालन सरकार का काम नहीं बल्कि भक्त और हक हकूकधारियों का है। स्वामी ने कहा कि 70 सालों में सरकारों की ओर से सिर्फ मंदिरों पर नियंत्रण किया गया, मस्जिद और गिरिजाघरों पर नहीं। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में भी मंदिरों को सरकारी सिस्टम से मुक्त कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि चारधाम देवस्थानम ऐक्ट किया जाना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि अधिनियम में मुख्यमंत्री को हेड बनाया गया है। भविष्य में यदि कांग्रेस की सरकार आई तो मंदिरों का क्या हाल होगा, इसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है।


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सोमवार, 24 फ़रवरी 2020

अब दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.5 घंटे में, एलिवेटेड एक्सप्रेव को मिली मंजूरी

देहरादून देहरादून और दिल्ली के बीच की दूरी जल्द ही कम करने के लिए केंद्र ने सोमवार को प्रस्ताव पारित कर दिया। एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के जरिए ये दूरी 250 किमी से 180 किमी तक कम की जाएगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यालय की ओर से इस बात की पुष्टि की गई। नैशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के चेयरमैन ने देहरादून में रावत से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने बताया, 'एलिवेटेड रोड के पूरा होने के साथ ही इस दूरी को ढाई घंटे में तय किया जा सकेगा।' बता दें कि अभी दिल्ली से देहरादून 5-6 घंटे लगते हैं। मौजूदा सड़के मेरठ, मुजफ्फरनगर और रुड़की से होकर निकलती है जबकि नया एक्सप्रेसवे बागपत और सहारनपुर से होकर निकलेगा। 'पर्यटन और विकास को बढ़ावा' रावत ने कहा कि यह प्रॉजेक्ट पहाड़ी राज्य से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम होगा, 'एलिवेटेड रोड पर्यटन में बड़ी भूमिका निभाएगा और राज्य के आर्थिक विकास को बेहतर करने में बड़ा फैक्टर साबित होगा।' NHAI अधिकारियों ने उत्तराखंड के चीफ सेक्रटरी उत्पल कुमार सिंह को तीन चरण में होने वाले एक्सप्रेस वे प्रॉजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया। हजारों करोड़ का प्रॉजेक्ट पहला चरण 31.2 किमी का दिल्ली में अक्षरधाम से लेकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच होगा जिसमें से 18 किमी एलिवेटेड रोड होगी। इसका अनुमानित खर्च 3,250 करोड़ रुपये होगा। दूसरा चरण ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और सहारनपुर को जोड़ेगा। 118 किमी के इस रास्ते के लिए खर्च 4,830 करोड़ रुपये माना जा रहा है। आखिरी चरण गणेशपुर से देहरादून के बीच 20.7 किमी का होगा जिसमें 1.8 किमी लंबा टनल होगा। देहरादून के दात काली मंदिर के पास 400 मीटर का एक टनल और 6.8 किमी की एलिवेटेड रोड होगी। यूपी सरकार से आग्रह इस मेगा प्रॉजेक्ट के हिस्से के तौर पर मोहंड में नए टनल का प्रस्ताव भी रखा गया है। संधू ने बताया कि एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से होकर भी गुजरेगा और उन्होंने यूपी सरकार से जंगल और वन्यजीवों से जुड़े क्लियरेंस जल्द करने का आग्रह किया है ताकि एक्सप्रेसवे का काम जल्द ही शुरू किया जा सके।


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सुब्रमण्यम स्वामी ने चारधाम पर सरकार के अधिकार को अदालत में चुनौती दी

नैनीताल, 24 फरवरी :भाषा: वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा हाल में चारधाम सहित प्रदेश के अन्य मंदिरों के प्रबंधन के लिए बनाए गए चारधाम देवस्थानम अधिनियम को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। स्वामी द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ करेगी । जनहित याचिका में कहा गया है कि चारधाम पर अधिकार का उत्तराखंड सरकार का दावा कानूनी रूप से गलत है । याचिका में यह बिंदु भी उठाया गया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सरकार द्वारा ऐसा कोई भी अधिकार स्थायी रूप से बनाए नहीं रखा जा सकता । याचिका में स्वामी ने कहा कि पिछले 70 साल में सरकारों द्वारा मस्जिदों और गिरिजाघरों के विपरीत केवल मंदिरों को ही नियंत्रित किया गया है । इसमें कहा गया है कि वर्तमान सरकार ने भी अपने घोषणापत्र में मंदिरों को सरकारी तंत्र से मुक्त रखने का वादा किया था । उन्होंने कहा कि चारधाम देवस्थानम अधिनियम को निरस्त किया जाना चाहिए।


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उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में जिंदा जानवरों के आयात पर रोक लगाने के संबंध में सरकार से जवाब मांगा

देहरादून, 24 फरवरी :भाषा: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को प्रदेश में कोई बूचड़खाना न होने के चलते मांस के लिए जिंदा जानवरों और पक्षियों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करने वाली एक याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है । नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में उत्तराखंड में कोई बूचड़खाना न होने का हवाला देते हुए मांस के लिए जिंदा जानवरों और पक्षियों के आयात पर रोक लगाने का आग्रह किया गया है। याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आर सी खुल्बे की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस मसले पर जवाब दाखिल करने के लिए अगले सोमवार तक का समय दिया है । उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि प्रदेश में कोई वैध बूचडखाना नहीं है । गुप्ता ने कहा, ‘‘जब प्रदेश में कोई बूचड़खाना ही नहीं है तो राज्य में मांस के लिए जिंदा जानवरों और पक्षियों को क्यों लाया जा रहा है ।’’ उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सितंबर, 2018 में जानवरों के खुले में वध पर रोक लगा दी थी । न्यायालय ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा था कि सभी जानवरों को केवल वैध बूचडखानों में ही काटा जाए ।


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देहरादून-दिल्ली के बीच बनेगा एक्सप्रेस वे

देहरादून, 24 फरवरी :भाषा: देहरादून से दिल्ली के बीच सहारनपुर और बागपत होते हुए एक एलिवेटिड एक्सप्रेस वे बनाया जायेगा जिसके बनने के बाद दोनों स्थानों के बीच की दूरी केवल ढाई घंटे में तय की जा सकेगी । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण :एनएचएआई: के अध्यक्ष एसएस संधू ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को आज यहां एक मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी कि देहरादून से दिल्ली के बीच इस एलिवेटेड एक्सप्रेस वे को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है । यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रावत ने एलिवेटेड एक्सप्रेस वे को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने से राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में एनएचएआई को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे के बन जाने से दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी लगभग 180 किलोमीटर रह जाएगी। संधू ने बताया कि शीघ्र ही इस नए राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग के बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र ढाई घंटे में पूर्ण की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस राजमार्ग में एलिवेटेड रोड और मोहंड के पास एक नई सुरंग प्रस्तावित है। संधू ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग का कुछ भाग उत्तर प्रदेश के वन और वन्यजीव क्षेत्र से होकर गुजरता है इसलिये उत्तर प्रदेश सरकार से इस दिशा में जल्द मंजूरी देने का अनुरोध करने का भी आग्रह किया ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का कार्य शुरू किया जा सके।


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रविवार, 23 फ़रवरी 2020

राजाजी पार्क के जंगलों में भटके तीन अमेरिकी पर्यटक, सुरक्षित बाहर निकाले गए

देहरादून रास्ता भूलने से उत्तराखंड में के जंगलों में भटक गए तीन अमेरिकी नागरिकों को उत्तराखंड पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर सुरक्षित खोज निकाला। शनिवार शाम राजाजी पार्क जंगल में घूमने के लिए गए तीन अमेरिकी नागरिक जंगल में रास्ता भटकने से वहां फंस गए। अंधेरा हो जाने के कारण वे जंगल से बाहर नहीं आ सके। वन विभाग ने पुलिस को इस बारे में सूचना दी। विभाग ने पुलिस से विदेशी नागरिकों की खोज और बचाव मे सहायता मांगी। इसके बाद जंगल में पर्यटकों की खोज और बचाव की कोशिश शुरू की गई। सात घंटे चले सर्च ऑपेरशन के बाद वन विभाग और पुलिस ने सभी विदेशी नागरिकों को खोज निकाला। पुलिस ने बताया कि इन पर्यटकों ने डोईवाला क्षेत्र के दूधली मार्ग से राजाजी पार्क में प्रवेश किया था। रास्‍ता भटकने से बुरी तरह सहमे पर्यटकों ने पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया। ये विदेशी नागरिक अपने परिवार समेत मसूरी में रुके हैं।


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दून में जमकर ओलावृष्टि

देहरादून, 23 फरवरी :भाषा: उत्तराखंड की राजधानी में आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और ओलावृष्टि के साथ जमकर बारिश हुई । खिली धूप के साथ दिन की शुरूआत के बाद दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गये और कुछ ही देर बाद जमकर ओले गिरने लगे । कई इलाकों में आधा घंटे से भी ज्यादा समय तक जबरदस्त ओलावृष्टि के साथ बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश भी हुई । ओलावृष्टि के साथ शुरू हुआ बारिश का क्रम लगातार जारी रहा । यहां मौसम विभाग ने अपनी भविष्यवाणी में उत्तराखंड में आमतौर पर बादल छाये रहने तथा कुमांउ क्षेत्र में कुछ स्थानों तथा गढ़वाल क्षेत्र में कहीं.—कहीं बारिश और 2500 मीटर तथा उससे अधिक उंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी की आशंका जतायी है ।


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सीएम ने की शहीद के परिजनों से मुलाकात

देहरादून, 23 फरवरी :भाषा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज जम्मू—कश्मीर में पिछले साल शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों से भेंट की । सरकार की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि रावत यहां नेहरू कॉलोनी स्थित शहीद के आवास पर गये और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि देश के लिए शहीद होना किसी भी सैनिक के लिए सम्मान की बात है और हमारे सैनिक हमारे गौरव हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। देहरादून के रहने वाले मेजर बिष्ट पिछले साल फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले के बाद राजौरी के नौशेरा सेक्टर में आईईडी ब्लास्ट में शहीद हो गये थे ।


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शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

गंगा रक्षा के लिए 24 दिन से अनशन, जबरन एम्स भेजे गए ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद

देहरादून आश्रम के एक बार फिर से के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं। शनिवार को उनके अनशन का 24वां दिन था। पिछले चार दिनों से पानी भी ना पीने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी जा रही थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने को जबरन मातृ सदन से उठाकर दिल्ली के एम्स भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आत्मबोधानंद का स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा था और उनके वजन में तेजी से गिरावट हो रही थी। बताते चलें कि गंगा की रक्षा के लिए लंबे समय से अनशन कर रहे प्रफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ की पिछले साल मौत हो गई थी। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद भी कई सालों से गंगा की रक्षा के लिए अनशन कर रहे हैं। सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में संन्यासी हुए आत्मबोधानंद अब तक 10 से ज्यादा बार उपवास कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने 193 दिन से ज्यादा का अनशन किया था। पढ़ें, डॉक्टरों ने जताया किडनी फेल होने के डर हरिद्वार की एसडीएम कुसुम चौहान ने बताया कि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंदर की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। मेडिकल के बाद उनके वजन में लगातार कमी महसूस की जा रही थी। डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि अगर उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई तो उनकी किडनी फेल हो सकती है। साध्वी पद्मावती भी कराई गई थीं भर्ती पिछले दिनों साध्वी पद्मावती को भी दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। बता दें कि साध्वी पद्मावती भी गंगा की रक्षा के लिए अनशन पर बैठी थीं, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एसडीएम के अनुसार, मातृ सदन के संतों ने उत्तराखंड के किसी भी अस्पताल में मेडिकल सुविधा लेने से इनकार कर दिया था इसलिए उन्हें दिल्ली भर्ती कराया गया है। पढ़ें, कौन हैं ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद केरल के अलप्पुझा के रहने वाले आत्मबोधानंदर कंप्यूटर साइंस में ग्रैजुएट हैं। सिर्फ 22 साल की उम्र में वह संन्यासी हो गए। साल 2014 में उन्होंने कुछ कपड़ों, लैपटॉप और दो हजार रुपये के साथ अपना घर छोड़ दिया था। पढ़ाई के दौरान ही प्रॉजेक्ट छोड़कर निकले आत्मबोधानंद ने मातृसदन के संत शिवानंदजी से प्रेरणा लेकर संन्यास लिया था। मातृसदन के दो संतों ने गंगा के लिए गंवाई जान कनखल थाना क्षेत्र के जगजीतपुर गांव में गंगा के किनारे साल 1998 में स्थापित की गई मातृसदन संस्था के दो ब्रह्मचारी अपना बलिदान दे चुके हैं। स्वामी निगमानंद का बलिदान हो या फिर प्रफेसर से साधू बने स्वामी सानंद। इन संतों ने गंगा के लिए अपना सर्वस्व छोड़कर इसी आश्रम में अनशनरत रहकर मां गंगा के लिए जान दे दी। गंगा में खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर 78 दिनों तक अनशन करते हुए ब्रह्मचारी निगमानंद सरस्वती का 13 जून 2011 में देहरादून स्थित जौलीग्रांट अस्पताल में देहावसान हो गया था। स्वामी सानंद ने भी 112 दिन तक अनशन करते हुए खुद को गंगा के प्रति समर्पित कर दिया था।


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उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें हुई तेज

देहरादून, 22 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के साथ हाल में हुई बैठक से राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। रावत ने नयी दिल्ली में शुक्रवार को नड्डा से करीब 90 मिनट तक मुलाकात की थी जिसमें उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार समेत राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार काफी समय से लंबित है। मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार की मंजूरी दे दी है जो इस महीने के अंत तक हो सकता है। उत्तराखंड में फिलहाल नौ मंत्री हैं। तीन पद रिक्त हैं। राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 तक हो सकती है। भाजपा जब 2017 में राज्य में सत्ता में आई थी तो मुख्यमंत्री समेत 10 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने शपथ ली थी। शुरुआत से ही दो मंत्री पद रिक्त रहे जबकि एक अन्य पद कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन के बाद पिछले साल खाली हो गया था। मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में अटकलें सबसे पहले जून 2019 में शुरू हुई थीं जब पंत का कैंसर के कारण निधन हो गया था। हालांकि अटकलों पर जल्द ही विराम लग गया जब राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को वित्त तथा विधायी कामकाज विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया जो पंत के पास था। सूत्रों ने बताया कि सभी तीनों पद इस बार भर सकते हैं। कुछ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जा सकता है।


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शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

तेजस एक्सप्रेस चलाने को सैद्धांतिक रूप से चलाने की स्वीकृति

देहरादून, 21 फरवरी (भाषा) रेल मंत्रालय हरिद्वार के रास्ते दिल्ली और देहरादून के बीच आधुनिक सुविधाओं से युक्त तेजस एक्सप्रेस रेलगाड़ी चलाने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल के हवाले से शुक्रवार को यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुरोध पर दिल्ली-हरिद्वार- देहरादून मार्ग पर तेजस एक्सप्रेस रेलगाड़ी चलाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी गयी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत ने इस मामले को लेकर नयी दिल्ली में रेल मंत्री गोयल से मुलाकात की थी। विज्ञप्ति के अनुसार, गोयल ने कहा कि पाथ-वे उपलब्ध होते ही रेलगाड़ी को शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं के लिये बजट में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। गोयल ने कहा कि 2021 मे हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले के लिए रेलवे विभाग प्रयागराज की भांति ही पूरी तैयारी करेगा। उन्होंने कहा कि देहरादून और हरिद्वार स्टेशनों की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम दिखने लगा है और इसके लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री और उनकी टीम की प्रशंसा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें दूसरे राज्यों में जो समस्याएं आती हैं, वे उत्तराखण्ड में नहीं आई। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में ‘इनोवेटिव’ काम होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि अगले ढ़ाई वर्ष में श्रीनगर गढ़वाल तक रेल पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जायेगा। गोयल ने कहा कि दून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण इस वर्ष नवम्बर तक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही रेलवे के उच्च अधिकारियों का एक दल उत्तराखण्ड भेजा जाएगा।


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गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

29 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

देहरादून के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खुलेंगे। बता दें कि 29 अक्टूबर को भैयादूज के पर्व पर शीतकाल के लिए कपाट बंद किए गए थे। बता दें कि भगवान आशुतोष के 11वें ज्योतिर्लिंग केदरानाथ धाम के दर्शन के लिए भक्त देश-विदेश से आते हैं। परिसर में आचार्यों, बीकेटीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में पंचांग गणना के आधार पर कपाट खोलने की तिथि तय की गई। इसके साथ ही बता दें कि 25 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में भैरवनाथ की पूजा की जाएगी। फिर 26 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की यात्रा निकलेगी। यह यात्रा 28 अप्रैल को पहुंचेगी। इसके बाद 29 अप्रैल को पूजा-अर्चना के साथ खोल दिए जाएंगे। वहीं, 30 अप्रैल को बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। इसके मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर (2019) को शीतकाल के लिए बंद किए गए थे।


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रावत, सिंह ने चारधाम कार्यों का किया हवाई निरीक्षण

देहरादून, 20 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने गुरुवार को चारधाम परियोजना के अन्तर्गत उत्तरकाशी जिले में चिन्यालीसौड़, धरासू, जानकीचट्टी, बड़कोट एवं गंगोत्री की भैरवघाटी में हो रहे कार्यों का हवाई निरीक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने मातली में भारत तिबबत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) परिसर में अधिकारियों के साथ आगामी चारधाम यात्रा संबंधी कार्यों के बारे में जानकारी ली। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सिंह ने चारधाम परियोजना के तहत किए जा रहे सभी कार्य 2021 में होने वाले हरिद्वार कुंभ मेले से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे चारधाम यात्रियों को और सहूलियत मिल सकेगी। चारधाम यात्रा को पहले की अपेक्षा और सुगम बनाने के लिए कार्य तेजी से किए जाएं। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि चारधाम परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्यों को जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा ताकि उत्तराखण्ड में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक सुगमता से यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी दी है। जल्द ही उस पर कार्रवाई होगी ताकि ऑल वेदर रोड निर्माण में रूके हुए कार्य प्रारंभ किये जा सकें। इससे पहले, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डा0 आशीष चौहान ने चारधाम परियोजना से जुडे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने चारधाम के तहत सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग की तस्वीरों सहित सभी कार्य योजना का अवलोकन किया।


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बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-चीफ ने महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का स्वागत किया

देहरादून, 19 फरवरी (भाषा) पश्चिमी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग जीओसी-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आर पी सिंह ने सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत किया, लेकिन कहा कि महिला अधिकारियों को लड़ाकू भूमिका में शामिल करना एक क्रमिक प्रक्रिया है। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है।’’ जनरल सिंह ने कहा कि वह महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के निर्णय का स्वागत करते हैं। इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और समय आने पर वे सैन्य बलों में और योगदान दे पाएंगी। एक सवाल पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें लड़ाकू भूमिका में शामिल करने का अभी समय नहीं आया है। मेरे विचार में यह एक क्रमिक प्रक्रिया है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि कॉम्बैट सपोर्ट इकाइयों में उनको कमान देने की दिशा में पहला कदम उठाया जा चुका है। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने यहां ‘इंवेस्टिचर सेरेमनी’ में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा, ‘‘महिला अधिकारी हमारी कामबैट सपोर्ट इकाइयों में पहले से ही शामिल हैं और एक समय आयेगा जब वे बड़ी भूमिकाओं और जिम्मेदारियां संभालने लगेंगी।’’ लेफ्टिनेंट जनरल सिंह यहां सेना के जांबांजों को सम्मानित करने के लिये आयोजित ‘इंवेस्टीचर सेरेमनी’ की अध्यक्षता करने आये थे। उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों को उनकी वीरता और सराहनीय सेवाओं के लिए 41 मेडल और पुरस्कार प्रदान किये। इसके अलावा समारोह में पश्चिमी कमान की 16 इलीट इकाइयों को भी सम्मानित किया गया।


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महिला अधिकारियों को लड़ाकू भूमिका देने का अभी वक्त नहीं: जीओसी पश्चिमी कमान

देहरादून, 19 फरवरी (भाषा) पश्चिमी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल आर पी सिंह ने सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत किया लेकिन कहा कि उन्हें लड़ाकू भूमिका में शामिल करने का अभी समय नहीं आया है। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने यहां ‘इंवेस्टिचर सेरेमनी’ में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिेये जाने के निर्णय का स्वागत करते हैं। इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। लेकिन यह भी सच है कि अभी उन्हें लड़ाकू भूमिका में शामिल करने का समय नहीं आया है।’’ उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों को लड़ाकू भूमिका में शामिल करना एक क्रमिक प्रक्रिया है। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा, ‘‘महिला अधिकारी हमारी कामबैट सपोर्ट इकाइयों में पहले से ही शामिल हैं और एक समय आयेगा जब वे बड़ी भूमिकाओं और जिम्मेदारियां संभालने लगेंगी।’’ लेफ्टिनेंट जनरल सिंह यहां सेना के जांबांजों को सम्मानित करने के लिये आयोजित ‘इंवेस्टीचर सेरेमनी’ की अध्यक्षता करने आये थे। उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों को उनकी वीरता और सराहनीय सेवाओं के लिए 42 मेडल और पुरस्कार प्रदान किये। इसके अलावा समारोह में पश्चिमी कमान की 16 इलीट इकाइयों को भी सम्मानित किया गया।


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उत्तराखंड हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के अपर सचिव परिवहन के खिलाफ जारी किया वॉरंट

नैनीताल ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच परिवहन संपत्ति के बंटवारे मामले में हीलाहवाली पर केंद्र सरकार के अपर सचिव परिवहन के खिलाफ जमानती वॉरंट जारी किया है। केंद्रीय अपर सचिव परिवहन को कोर्ट ने 24 फरवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया है। उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संघ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए गए। जनहित याचिका में कहा गया है कि सरकार उनके खिलाफ एस्मा लगाने जा रही है। सरकार कर्मचारियों को हड़ताल करने पर मजबूर कर रही है। सरकार व परिवहन निगम न तो उनको नियमित कर रहे हैं, न नियमित वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों से पिछले चार साल से ओवर टाइम कराया जा रहा है। रिटायर कर्मचारियों के देयकों का भी भुगतान नहीं किया गया। यूनियन का सरकार व निगम के साथ कई बार मांगों को लेकर समझौता हो चुका है, उसके बाद भी सरकार एस्मा लगाने को तैयार है। याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया कि जहां सरकार को निगम को 69 करोड़ रुपया बकाया देना है वहीं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा भी निगम को सात सौ करोड़ रुपया देना है। अगर सरकार व निगम इनको वसूलें तो यूनियन और निगम की सारी समस्या ही सुलझ जाएंगी।


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मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

अल्मोड़ा में कार खड्ड में गिरी, दो मरे

देहरादून, 19 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के दन्या क्षेत्र में एक कार के खड्ड में गिर जाने से उसमें सवार दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी । पुलिस ने बुधवार को बताया कि मंगलवार की रात हुई दुर्घटना की सूचना मिलने पर तत्काल राज्य आपदा मोचन बल :एसडीआरएफ: की टीम घटनास्थल की ओर रवाना की गयी । उन्होंने बताया कि कुछ घंटे चले तलाशी अभियान के बाद टीम ने दो शव बरामद कर रोप स्ट्रेचर की सहायता से उन्हें मुख्य मार्ग पर पहुंचाया जिसके बाद उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया । दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है ।


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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत का मुंबई में रोड शो

देहरादून, 18 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अप्रैल होने वाली ‘वेलनेस समिट’ में निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुंबई में रोड शो में हिस्सा लिया। उत्तराखंड को संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र बताते हुए रावत ने कहा कि ऋषिकेश को विश्व की योग राजधानी कहा जाता है और राज्य सरकार का प्रयास योग को पर्यटन से जोड़ना है। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूती प्रदान करते हुए क्षेत्र में पुरातन एवं सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना है। राज्य में 20 हजार से अधिक योग प्रशिक्षक हैं। राज्य में योग को पर्यटन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर आधारभूत सुविधाएं, संपर्क और प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता और अनुकूल वातावरण उत्तराखंड को एक आदर्श निवेश गंतव्य बनाते हैं । देहरादून में 17-18 अप्रैल को वेलनेस समिट प्रस्तावित है ।


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सोमवार, 17 फ़रवरी 2020

पश्चिमी कमान ने सारागढी के युद्ध को याद किया

देहरादून, 17 फरवरी (भाषा) पश्चिमी कमान ने सोमवार को सिख रेजिमेंट की 36 वीं बटालियन के 21 वीर सैनिकों की शहादत की याद में एक विशेष लाइट एंड साउंड शो 'जंग ए सारागढी' का आयोजन किया । इस कार्यक्रम का आयोजन यहां क्लेमेंटाउन में रंजीत सिंह ऑडिटोरियम में पश्चिमी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह की मौजूदगी में किया गया । 'जंग ए सारागढी' में उन 21 सिख सैनिकों की वीरता और बलिदान को याद किया गया जो उन्होंने दस हजार पठानों की सेना के खिलाफ सारागढी के रिले पोस्ट पर लड़ी थी। इस युद्ध के बाद सभी 21 सैनिकों को मरणोपरांत 'इंडियन आर्डर आफ मेरिट' से सम्मानित किया गया था । इसी स्थान पर बुधवार को एक आयोजन भी होगा, जिसमें भारतीय सेना के 15 अधिकारियों और 26 सैनिकों को राष्ट्र के लिये उनकी अनुकरणीय सेवाओं हेतु वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा ।


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दिल्ली एम्स में भर्ती साध्वी पद्मावती, गंगा की अविरलता के लिए ऐक्ट बनाने की मांग लेकर अनशन पर थीं

हरिद्वार मातृसदन में गंगा की अविरलता के लिए ऐक्ट बनाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठीं की सोमवार सुबह 65वें दिन अचानक हालत बिगड़ गई। उन्हें हरिद्वार के बंगाली अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसके बाद हालत में सुधार न होने पर उन्हें दिल्ली के एम्स के लिए रिफर कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार सुबह साध्वी अनशन के दौरान ही अचानक से बेहोश होने लगीं। आश्रम के लोगों ने देखा तो आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों का कहना है कि भूखे-प्यासे रहने के कारण वह काफी डिहाइड्रेटेड हो गई हैं। दोपहर तक उनकी हालत में सुधार न होने से उन्हें रिफर किया गया । साध्वी पद्मावती को दिल्ली ले जाते समय कनखल पुलिस ने बहादराबाद में ऐंबुलेंस को रुकवा लिया और सरकारी गाड़ी से साध्वी को ऋषिकेश एम्स ले जाया जाने लगा। मातृसदन के संतों और समर्थकों ने प्रशासन के इस कदम का विरोध किया। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि मातृसदन के संत निजी खर्चे पर साध्वी पद्मावती को ले जा रहे थे लेकिन प्रशासन ने आरोप लगाया कि बिना प्रशासन को सूचना दिए ऐसा किया गया। इसलिए साध्वी पद्मावती को प्रशासन अपने संरक्षण में लेकर ऋषिकेश एम्स भिजवा रहा है लेकिन मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने तर्क का विरोध करते हुए दिल्ली एम्स में ही ले जाने की मांग की गई। इसके बाद फिर से साध्वी को एम्स रवाना किया गया। इससे पहले भी अनशन के 47वें दिन साध्वी पद्मावती का स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस ने देर रात उन्हें जबरन उठाकर दून अस्पताल में भर्ती करा दिया था। इसके बाद उन्हें भर्ती कराने को लेकर काफी हंगामा हुआ जिसके बाद मातृसदन की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, एसडीएम कुसुम चौहान, सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी, लक्सर के एसडीएम सुनैना राणा और थानाध्यक्ष के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया था जबकि साध्वी पद्मावती का कहना था कि प्रशासन को जो भी उपचार देना है मातृसदन में देना होगा। वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी।


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पश्चिम बंगाल के पर्यटक गंगा में फंसे, सकुशल बचाये गये

देहरादून, 17 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के तीन पर्यटक गंगा नदी में अचानक जलस्तर बढने से एक टापू पर फंस गये। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से तीनों को सकुशल बचा लिया गया। मुनि की रेती थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर आर के सकलानी ने बताया कि सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम पूर्णानंद घाट पहुंची तो देखा कि तीनों पर्यटक गंगा में टापू पर फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि लाइफ जैकेट पहने हुए पुलिस के तैराक राफ्ट से तत्काल टापू पर पहुंचे और रस्सियों की सहायता से उन्हें नदी किनारे तक ले कर आये। पर्यटकों ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने के कारण वे टापू तक चले गये लेकिन जलस्तर में अचानक बढोत्तरी होने से वे फंस गए। वे घबराहट में मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। उन्हें फंसा देख लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। तीनों पर्यटकों की पहचान गौतम मजूमदार, सुशील हलदर और जलपाइगुडी निवासी कोनंद चक्रबर्ती के रूप में हुई है।


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उत्तरकाशी में सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौत, बच्चे की तलाश जारी

देहरादून, 17 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के नालूपानी क्षेत्र में सोमवार को एक कार खड्ड में गिरने से उसमें सवार दो बच्चों समेत छह यात्रियों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य बच्चे की तलाश अभी जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल :एसडीआरएफ: और पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी और बचाव अभियान चलाया तथा मौके से छह शव बरामद किये। मरने वालों में दो बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल हैं जबकि एक बच्चे की तलाश जारी है।


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रविवार, 16 फ़रवरी 2020

क्या वाकई बदल रहे हैं सीएम? उत्तराखंड बीजेपी में चर्चा गरम

नई दिल्ली/उत्तराखंड दिल्ली चुनाव के नतीजे आने के बाद एक बार फिर से उत्तराखंड में सीएम बदलने की चर्चा गरम है। खासकर बीजेपी सर्कल में। में हर कोई यही चर्चा कर रहा है कि क्या सीएम को बदला जा रहा है। बीजेपी के भीतर तो कौन नया सीएम होगा उसे लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई है और सब अपने अपने समीकरणों के हिसाब से नाम बता रहे हैं। हालांकि सीएम के करीबी इस तरह की चर्चाओं को नकार रहे हैं। सोमवार को उत्तराखंड सरकार ने दिल्ली के राष्ट्रीय पुलिस मैमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा है, जिसमें उत्तराखंड से बीजेपी के सभी सांसदों के साथ ही उत्तराखंड के मंत्रियों और सभी विधायकों को भी आना है। इसे सीएम के शक्ति परीक्षण के तौर पर भी देखा जा रहा है। सीएम रावत से नाराज हैं विधायक ! वैसे तो उत्तराखंड में सीएम को लेकर विधायकों के बीच नाराजगी की सुगबुगाहट काफी वक्त से चल रही है, लेकिन दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद इसने जोर पकड़ लिया। बीजेपी की वहां प्रचंड बहुमत की सरकार है, इसलिए कोई विधायक खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है लेकिन अनौपचारिक बातचीत में वह भी चर्चा कर रहे हैं। एक नेता ने कहा कि जिस तरह दिल्ली के नतीजे आए और उससे पहले झारखंड में बीजेपी की सरकार गई उससे हमारी चिंता बढ़ी है। 2022 की शुरूआत में उत्तराखंड में चुनाव होने हैं और कई लोगों को यह लग रहा है कि अगर मौजूदा सीएम के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे तो कहीं नतीजे उम्मीद के विपरीत न आएं। निशंक और का नाम आगे पार्टी के भीतर तो चर्चा चल ही रही है, इसके साथ ही यह चर्चा उत्तराखंड में संघ के लोगों तक भी पहुंची है। ऐसा कहा जा रहा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत संघ के बैकग्राउंड के हैं, इसलिए संघ की तरफ से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन विधायक और पार्टी के ही कुछ सीनियर नेता दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। रावत की जगह पर कौन सीएम हो सकता है और किसका नाम चल रहा है इसका जवाब उत्तराखंड बीजेपी के नेता अपने अपने तरीके से दे रहे हैं। लेकिन कुल मिलाकर वे दो नामों का जिक्र कर रहे हैं। एक केंद्र सरकार में मंत्री का और दूसरा रावत की टीम में ही मंत्री सतपाल महाराज का। एक बीजेपी नेता ने कहा कि सतपाल महाराज के समर्थकों की बड़ी संख्या के बावजूद उनका पुराना कांग्रेसी होना उनके खिलाफ जा सकता है। दूसरी तरफ, कहा जा रहा है कि निशंक केंद्र छोड़कर फिलहाल राज्य की राजनीति में वापस नहीं जाना चाहते। 2022 की शुरुआत में ही चुनाव हैं और जिस तरह लोकसभा चुनाव के बाद एक के बाद एक राज्य में बीजेपी की उम्मीद के विपरीत ही नतीजे आ रहे हैं, उससे सब थोड़ा घबराए हुए भी हैं।


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निम में संग्रहालय तैयार, कोविंद करेंगे लोकार्पण

उत्तरकाशी, 16 फरवरी (भाषा) नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में गत पांच वर्षों से निर्माणाधीन पहाड़ी शैली का अत्याधुनिक संग्रहालय बनकर तैयार हो गया है जिसका लोकार्पण जल्द ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे । करीब तीन करोड़ की लागत से तैयार इस संग्रहालय के मार्च में लोकार्पण को लेकर निम में जोर शोर से तैयारियां जारी हैं। चौदह नवंबर 1965 को स्थापित हुआ निम भारत के प्रमुख पर्वतारोहण संस्थानों में से एक है जिसने एशिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है। अपनी स्थापना के बाद से वर्ष से संस्थान बच्चों और वयस्कों को पर्वतारोहण और अन्य साहसिक पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करता आ रहा है । निम ने अब देश भर से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों एवं अतिथियों के लिए पहाड़ी शैली और पहाड़ी संस्कृति से सुसज्जित एक संग्रहालय तैयार किया है। संग्रहालय के बाहर जहां पहाड़ी शैली के पत्थर और लकड़ी की नक्काशी है वहीं उसके अंदर पहाड़ी संस्कृति को प्राकृतिक पेड़ों और जंगली जानवर सहित पहाड़ी संस्कृति के भवनों को दर्शाया गया है। संग्रहालय समिति के अध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे के मद्देनजर इन दिनों निम में रंग रोगन सहित संग्रहालय में लगने वाली सामग्री आदि का कार्य किया जा रहा है जो अगले दस दिनों में पूर्ण कर लिया जायेगा।


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कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ जारी किया आरोप पत्र

देहरादून, 16 फरवरी (भाषा) बेरोजगारी, मंहगाई, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत सभी मोर्चो को लेकर कांग्रेस ने रविवार को उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के खिलाफ एक आरोप पत्र जारी किया और कहा कि वह प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन करेगी। यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष प्रीतम सिंह और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने कहा कि कांग्रेस 26 फरवरी को हल्द्वानी में सरकार के खिलाफ विशाल पदयात्रा निकालेगी जिसमें लालटेन लेकर सरकार की उपलब्धियां खोजने निकलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार विशेषकर बेरोजगारी के मुद्दे पर बुरी तरह नाकामयाब रही है और प्रदेश कांग्रेस अपनी जिला इकाइयों से बेरोजगारी पर एक सर्वेंक्षण करायेगी। उन्होंने कहा कि कल 17 फरवरी को मुख्यमंत्री रावत के विधानसभा क्षेत्र डोइवाला में एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया जायेगा और उसके बाद 18 फरवरी को विकासनगर में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। उसके बाद 23 और 25 फरवरी तक उधमसिंह नगर जिले के अलग—अलग स्थानों पर प्रदर्शन होगा। 'उत्तराखंड की प्रबुद्व जनता के नाम कांग्रेस का आह्वान' नाम के जारी पत्र में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंहगाई और अर्थव्यवस्था पर काबू पाने में भाजपा पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के मुद्दे पर यह सरकार बुरी तरह विफल रही है। नेताओं ने कहा, ‘‘राज्य का बेरोजगर इस बात से आशान्वित था कि प्रचंड बहुमत वाली सरकार उनकी समस्या का हल निकाल कर पलायन को रोकने में सफल होगी लेकिन इसकी जगह बेरोजगारों की संख्या बढ गयी।’’ उन्होंने कहा कि इसी तरह सरकार किसानों की समस्याएं हल करने और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह बुरी तरह विफल रही है।


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शनिवार, 15 फ़रवरी 2020

औली पहुंचे किरेन रिजीजू ने कहा- यहां बना सकते हैं विंटर स्पोर्ट्स सेंटर

देहरादून केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री शनिवार को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर औली पहुंचे। किरेन रिजीजू ने यहां के अधिकारियों के साथ मुलाकात की। बीजेपी नेता किरेन रिजीजू 10:30 बजे सेना के हेलिकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचे। यहां से आईटीबीपी की प्रथम वाहिनी सुनील में जवानों से मुलाकात करने के बाद रिजेजू रोपवे से औली पहुंचे। जहां वे दो दिन रहेंगे। किरेन रिजीजू ने कहा कि औली बहुत खूबसूरत जगह है। इसे केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'केंद्र सरकार विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार कर रही है। अब विंटर खेलों का बजट भी खेल मंत्रालय को दिया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में और अधिक प्रयास करने की संभावना बढ़ गई है। अगले महीने जम्मू-कश्मीर में विंटर स्पोर्ट्स का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के खिलाड़ी वहां पर पहुंचेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'देश के युवाओं को स्पोर्ट्स से जोड़ने के लिए खेल मंत्रालय अनेक प्रयास कर रहा है।' औली में स्कीइंग और विंटर खेलों को लेकर किरेन रिजीजू ने कहा कि इस पर अधिकारियों और आईटीबीपी से चर्चा करके भविष्य में यहां पर विंटर खेलों को और बढ़ावा देने का प्रयास होगा।


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देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति को डब्ल्यूएचओ का योग विशेषज्ञ नामित किया गया

हरिद्वार, 15 फरवरी (भाषा) हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति चिन्मय पांड्या को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का योग विशेषज्ञ नामित किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार लोगों को योग सिखाने के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा तैयार किए जा रहे एक मोबाइल एप्प का विकास करने में पांड्या के सुझाव लिए जाएंगे। विज्ञप्ति के अनुसार पांड्या टेम्पलटन पुरस्कार के निर्णायक मंडल के सदस्य हैं और उन्होंने कैंब्रिज, लातविया और शिकागो विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिए हैं।


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उत्तराखंड के मुनस्यारी में जून में तीन दिवसीय आदिवासी सम्मेलन का होगा आयोजन

पिथौरागढ़, 15 फरवरी (भाषा) देश में आदिवासी समुदायों की समस्याओं पर विचार-विमर्श करने के लिए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में इस साल एक से तीन जून तक राष्ट्रीय स्तर का एक आदिवासी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश सिंह मार्तोलिया ने शनिवार को बताया कि इस सम्मेलन में देश भर से विभिन्न आदिवासी समूहों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिमालयी राज्य समेत देश के विभिन्न हिस्सों में जनजातीय समूहों की समस्याओं और उनके उत्थान के लिए संबंधित सरकारों द्वारा किये जा रहे कार्यों से देश को अवगत कराना है।’’


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शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

पहले उर्दू में हटाकर संस्कृत में लिखा देहरादून रेलवे स्टेशन का नाम, फैसला वापस लेने में मचा बवाल

देहरादून उत्तराखंड के रेलवे स्टेशन का नाम साइन बोर्ड पर उर्दू भाषा की जगह संस्कृत में लिखने और फिर इसे उर्दू में ही करने पर रेलवे अधिकारी सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि राजधानी देहरादून के रेलवे स्टेशन में भाषा बदलाव को लेकर रेलवे विभाग अपने ही रेलवे मैन्युअल का उल्लंघन कर रहा है। रेलवे विभाग का नियम कहता है कि किसी भी राज्य की दूसरी स्थानीय भाषा को उस रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर लिखना अनिवार्य होगा। बता दें कि जब देहरादून यूपी का हिस्सा था तो दूसरी भाषा उर्दू ही थी, जिस वजह से उर्दू में नाम लिखे गए थे। पिछले महीने जनवरी में रेलवे विभाग के अधिकारियों ने देहरादून के रेलवे स्टेशन की भाषा को लेकर एक पत्र जारी किया था। यह पत्र उत्तराखंड के रेलवे स्टेशनों से लगने वाले तमाम जिलों के जिलाधिकारियों को भी भेजा गया था। इस पत्र में जिलाधिकारियों से उनके रेलवे स्टेशनों के संस्कृत में शुद्ध उच्चारण मांगे गए थे। देहरादून के तत्कालीन जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने देहरादून का संस्कृत में अनुवाद करके रेलवे विभाग को उपलब्ध करा दिया था। संस्कृत शिक्षक संघ ने दी धमकी इसके बाद रेल विभाग ने देहरादून के रेलवे स्टेशन के बोर्ड में संस्कृत में देहरादूनम् नाम लिख भी दिया गया था, लेकिन कुछ समय बाद संस्कृत नाम हटाकर फिर से उर्दू में लिख दिया गया। अब देहरादून में इसके विरोध में बुधवार को संस्कृत महाविद्यालय शिक्षक संघ ने स्टेशन निदेशक को ज्ञापन दे दिया। दोनों संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि अगर दो दिन के अंदर स्टेशन पर लगे साइन बोर्डों पर संस्कृत भाषा में देहरादून का नाम नहीं लिखा तो संस्कृत शिक्षक संघ खुद ही लिख देगा। उर्दू में नाम नहीं हटाया जाएगा संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामभूषण बिजल्वाण और ब्राह्मण सेवा समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने स्टेशन निदेशक को ज्ञापन दिया। स्टेशन निदेशक ने कहा कि राज्य की दूसरी भाषा में ही स्टेशन का नाम लिखा जा सकता है। संस्कृत में नाम उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। इसका जवाब नहीं मिला है। ऐसे में तय नहीं कि संस्कृत में नाम कैसे लिखा जाना है। हालांकि, उन्होंने उर्दू से नाम हटाए जाने की बात से इनकार किया। रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी की ओर से कहा गया है कि किसी भी रेल स्टेशन के नाम में संस्कृत को अतिरिक्त भाषा के तौर पर नाम में शामिल तो किया जा सकता है, लेकिन उर्दू को हटाया नहीं जाएगा।


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अफेयर के शक में टीवी ऐक्ट्रेस पत्नी को मार डाला, शव को भी जलाया, पति समेत दो गिरफ्तार

देहरादून अनीता सिंह की हत्या कर दी गई है। देहरादून के जंगलों से अनीता का शव बरामद करने के बाद पुलिस ने खुलासा किया है कि अनीता के पति रविंदर पाल सिंह ने ही उनकी हत्या की। अपने एक साथी कुलदीप की मदद से अनीता की हत्या करने के बाद रविंदर ने अनीता का शव कुमाऊं क्षेत्र के कालाढूंगी के जंगलों में फेंक दिया। इन लोगों ने पहचान छिपाने के लिए अनीता के शव को जला भी दिया था। कुमाऊं क्षेत्र के जंगल में कुछ दिन पहले जली अवस्था में मिले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस को 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े। पुलिस ने दोनों आरोपियों रविंदर और कुलदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीसीटीवी में दिखी कार से आरोपियों तक पहुंची पुलिस बताया गया कि ग्रामीणों ने जंगल में बुरी तरह जला शव मिलने की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने उस ओर जाने वाली सड़क की सीसीटीवी फुटेज तलाशी और उन्हें वहां रात में एक कार गुजरती दिखाई दी। उस कार का नंबर लेकर जब उसके मालिक की खोज की गई तो वह हल्द्वानी का रहने वाला निकला। उससे पूछताछ में पता चला कि घटना वाली रात उसने अपनी कार दिल्ली निवासी अपने रिश्तेदार कुलदीप को दी थी। तलाश करते हुए पुलिस कुलदीप के पते पर दिल्ली पहुंची और उससे पूछताछ की। कुलदीप ने बताया कि जंगल में मिली लाश पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले उसके दोस्त रविंदर पाल सिंह की पत्नी अनिता सिंह की है। कुलदीप ने यह भी स्वाकीर किया कि अनीता की हत्या करने के बाद उसका शव ठिकाने लगाने में उसने रविंदर का साथ दिया था। पूछताछ में कुलदीप ने यह भी बताया कि रविंदर को अनिता का किसी और से प्रेम संबंध होने का शक था और इसलिए उसने हत्या की साजिश रची। नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और गला घोंटकर ले ली जान कुलदीप ने आगे बताया कि रविंदर 30 जनवरी को अनिता को अपने साथ कालाढूंगी लाया और चाय में उसे नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद रविंदर और कुलदीप ने उसका गला घोंट दिया और रात में उसका शव ठिकाने लगा दिया। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस मेडल या प्रशस्ति पत्र देने पर विचार किया जाएगा।


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क्रिकेट बॉल लगने से नाराज नशेड़ी ने बच्चे पर चलायी गोली

देहरादून, 14 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के टिहरी जिले में नशे में धुत एक व्यक्ति ने क्रिकेट बॉल लगने से नाराज होकर 12 वर्षीय लड़के पर गोली चला दी। घटना भेती गांव की है, जहां बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे और इसी दौरान गेंद पास में बैठे रामलाल और बिजेंद्र कंडारी को लग गयी। घनसाली पुलिस थाना के प्रभारी प्रदीप सिंह रावत ने बताया, ‘‘जबमहेश नामक लड़का उनके पास गेंद लेने पहुंचा तो रामलाल ने कंडारी की देसी पिस्तौल से उस पर गोली चला दी जो सीधे उसकी दाहिनी आंख के नीचे लगी।’’ घायल लड़के को गांव वाले तुरंत निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र ले गये जहां से उसे एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया। रावत ने बताया, ‘‘घटना के वक्त रामलाल और कंडारी दोनों शराब के नशे में थे। दोनों को गिरफतार कर लिया गया है।’’ उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल हथियार को जब्त कर लिया गया है।


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गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

कालाढूंगी के जंगलों में मिला महिला का शव ,पति ने की थी हत्या

देहरादून, 14 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के कुमांउ क्षेत्र के जंगल में कुछ दिन पहले जली अवस्था में मिले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस को 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े । पुलिस ने दोनों अभियुक्तों, रविंदर और कुलदीप, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । मामले के अनुसार, ग्रामीणों ने जंगल में बुरी तरह जला शव मिलने की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने उस ओर जाने वाली सड़क की सीसीटीवी फुटेज तलाशी और उन्हें वहां रात में एक कार गुजरती दिखाई दी । उस कार का नंबर लेकर जब उसके मालिक की खोज की गयी तो वह हल्द्वानी का रहने वाला निकला । उससे पूछताछ में पता चला कि घटना वाली रात उसने अपनी कार दिल्ली निवासी अपने रिश्तेदार कुलदीप को दी थी । उसके बताये पते पर पुलिस दिल्ली पहुंची और कुलदीप से पूछताछ की। उसने बताया कि जंगल में मिली लाश पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले उसके दोस्त रविंदर पाल सिंह की पत्नी अनिता सिंह की है और उसकी हत्या करने के बाद उसका शव ठिकाने लगाने में उसने रविंदर का साथ दिया था । पूछताछ में उसने बताया कि रविंदर को अनिता का किसी और से प्रेम संबंध होने का शक था और इसलिए उसने हत्या की साजिश रची । उन्होंने बताया कि रविंदर 30 जनवरी को अनिता को अपने साथ कालाढूंगी लाया और चाय में उसे नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया जिसके बाद वह बेहोश हो गयी । इसके बाद रविंदर और कुलदीप ने उसका गला घोंट दिया तथा रात में उसका शव ठिकाने लगा दिया । प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस मेडल या प्रशस्ति पत्र देने पर विचार किया जायेगा ।


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57 प्रतिशत घोषणाएं लागू हुईं : रावत

देहरादून, 13 फरवरी :भाषा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान 57 फीसदी घोषणाओं को पूरा कर दिया है जबकि बाकी को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है । यहां एक कार्यक्रम 'मंथन' में मंत्रियों और विधायकों को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि अधिकारियों को मुख्यमंत्री के रूप में उनके द्वारा की गयी घोषणाओं के 100 फीसदी क्रियान्वयन के लिए किया गया है । इस कार्यक्रम का मकसद अब तक राज्य सरकार की उपलबिघयों और आने वाले सालों में कार्ययोजना की स्थिति की समीक्षा करना था । इस दौरान जहां मंत्रियों ने अपने विभागों द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी दी वहीं विधायकों ने योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद को और बेहतर करने के सुझाव दिए । मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पार्टी के दृष्टिपत्र में 2017 में किए गये सभी वादों को पूरा करने की दिशा में मजबूती से बढ रही है । उन्होंने आने वाले समय में राज्य सरकार द्वारा शुरू किये जाने वाले तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का भी खुलासा किया जिनमें रामनगर में एडवेंचर समिट, टिहरी झील महोत्सव और रिवर्स माइग्रेशन की पहल से जुडे़ युवाओं का सम्मेलन शामिल है । रावत ने कहा, ‘'बैठक में कई महत्वपूर्ण् सुझाव दिए गये । मुझे विश्वास है कि आज के मंथन से निकले अमृत से राज्य के भावी विकास के लिए मार्ग प्रशस्त होगा ।'’


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थाई राजकुमारी ने एरीज का दौरा किया

नैनीताल, 13 फरवरी (भाषा) थाई राजकुमारी महा चाकरी सिरीनधोर्न ने रात में आसमान के नजारे देखने के लिये बृहस्पतिवार को यहां आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीटयूट आफ आब्जरवेशनल साइसेंज :एरीज: का दौरा किया । एरीज के निदेशक दीपांकर बैनर्जी, वैज्ञानिक शशि भूषण पांडे, बृजेश कुमार और अन्यखगोल वैज्ञानिकों ने राजकुमारी को एरीज का भ्रमण करवाया तथा वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी दी । पांडे ने बताया कि जब उन्होंने एरीज के प्रांगण में स्थित देवस्थल में 1.3 मीटर टेलीस्कोप से ओरियोन गैलेक्सी को देखा तो उनके चेहरे पर रोमांच झलक रहा था । उन्होंने टेलीस्कोप से ओरियोन गैलेक्सी का दूसरा सबसे चमकदार तारा बेटेलगीज भी देखा । 64 वर्षीय राजकुमारी को खगोल विज्ञान की अच्छी जानकारी है । इससे पहले, थाई राजकुमारी आज दोपहर बाद पंतनगर पहुंची और शाम को उन्होंने देवस्थल में एरीज का दौरा किया ।


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टिहरी: क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद लगी, शराबी ने मारी गोली

के टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र के बिनय खाल में क्रिकेट खेल रहे बच्चे को एक शराबी ने इसलिए गोली मार दी क्यूंकि बच्चे से उसे बाल लग गई। बच्चे की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे।इस दौरान 11 वर्ष के बच्चे की बाल अचानक शराबी को लग गई। टिहरी जिले के घनसाली विधानसभा के अंतर्गत पट्टी बासर के भेंटी गांव में गांव के ही रामलाल ने 11 वर्षीय महेश पुत्र गंगा लाल को गोली मार दी जिससे महेश गंभीर रूप से घायल हो गया है। महेश को घायल हालात में बेलेश्वर अस्पताल लाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने के कारण इसे ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार महेश गांव में अपने दोस्तों के साथ बॉल खेल रहा था। क्रिकेट खेलते-खेलते गांव के ही रामलाल और विजेंद्र कंडारी को गेंद लग गई, जिससे रामलाल ने गुस्से में घर से बंदूक लाकर महेश के ऊपर गोली चला दी।


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थाईलैंड की राजकुमारी ने आईएमए का दौरा किया

देहरादून, 13 फरवरी (भाषा) थाईलैंड की राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर ने दोनों देशों के बीच साझेदारी और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए राजनयिकों और वरिष्ठ गणमान्य हस्तियों के 20 सदस्यीय थाई प्रतिनिधिमंडल के साथ गुरूवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) का दौरा किया। उन्होंने आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जीएस नेगी से बातचीत की और इस दौरान प्रतिष्ठित अकादमी के प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलुओं जैसे कई मुददों पर चर्चा की। राजकुमारी सिरिनधर भी एक इंस्ट्रक्टर रही हैं तथा चुलाचोमक्लाओ रॉयल एकेडेमी में इतिहास पढाती हैं। राजकुमारी ने थाईलैंड की तरफ से भारत के साथ रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने की इच्छा प्रकट की। भारत और थाईलैंड ने मेघालय के उमरोई में 'मैत्री 2019' के तहत एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था।


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यूएनडीपी ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण पर नगर निकाय के साथ काम करेगी

ऋषिकेश, 13 फरवरी (भाषा) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण परियोजना पर स्थानीय नगर निगम के साथ मिलकर काम करेगी। यूएनडीपी के कंट्री हेड (सरकुलर इकोनॉमी) सरदार प्रभजोत सोढ़ी के साथ बैठक करने के बाद ऋषिकेश नगर निगम के आयुक्त नरेंद्र सिंह कुडियाल ने संवाददाताओं को बताया कि निगम यूएनडीपी को एचडीएफसी बैंक द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए जमीन देगा। उन्होंने बताया कि प्लांट में गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी जबकि पॉलिथिन के कूड़े को सड़क निर्माण के लिए प्रोसेस किया जायेगा। सोढ़ी ने बताया कि यूएनडीपी देश के 30 शहरों में नगर निकायों के साथ मिलकर इसी प्रकार की कूड़ा निस्तारण परियोजनाओं पर काम कर रही है।


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