देहरादून के नए (Ashok Kumar) ने अपने कार्यकाल के पहले हफ्ते में ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार ने साफ किया कि पुलिस में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, वह अपना वर्दी पहनने का हक खो देगा। वीडियो संदेश में डीजीपी अशोक कुमार ने कहा, 'पुलिस की छवि का खराब होने का एक बड़ा कारण आम आदमी की नजरों में उसका भ्रष्टाचारी होना भी है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार करने वाले पुलिसकर्मी इस वर्दी को पहनने योग्य नहीं हैं। न ही उनका ऐसा कोई कृत्य माफ किया जाएगा। ऐसे पुलिसकर्मी जो पीड़ित से रिश्वत लेते हैं या अपराधी से साठगांठ करते हैं, उन्हें वर्दी पहनने का कोई अधिकार नहीं है।' 'भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो मैं खुद ऐक्शन लूंगा'इसके अलावा सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान भी उन्होंने साफ किया था कि वह भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस रखेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कौन-कहां और क्या कर रहा है इसकी उन्हें खबर है। इसलिए सभी इसको लेकर संभल जाएं कि ऊपर कुछ पता नहीं है। उन्होंने सभी कप्तानों और अधिकारियों को आगाह किया कि भ्रष्टाचार की कोई भी शिकायत मिली तो मैं खुद कार्रवाई करूंगा, फिर इसके लिए चाहे किसी भी स्तर तक जवाब देना पड़े। अशोक कुमार ने सोमवार को ही लिया डीजीपी का चार्ज अशोक कुमार ने सोमवार को ही उत्तराखंड के नए पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभाला है। अशोक कुमार राज्य के 11वें पुलिस महानिदेशक हैं। सोमवार को उन्होंने अनिल कुमार रतूड़ी से चार्ज लिया जो सोमवार को अपनी 33 वर्ष की सेवा के बाद रिटायर हो गए। 24 जुलाई, 2017 को डीजीपी का पदभार संभालने वाले रतूड़ी इस पद पर सवा तीन साल से ज्यादा समय तक रहे। कुमार इससे पहले प्रदेश में पुलिस महानिदेशक, अपराध और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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