हरिद्वार देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार में अगले साल होने वाला () अपने तय समय पर ही होगा। कुंभ के आयोजन को लेकर तमाम शंकाओं को दरकिनार करते हुए जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी ने कहा है कि इस बार कुंभ का योग कई शताब्दियों के बाद बना है। इस लिहाज से कुंभ के स्थगन का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। स्वामी अवधेशानंद का कहना है कि कई सालों के बाद ऐसा हुआ है कि गुरु की गति तेज हुई है। इस वजह से कुंभ 12 साल की जगह 11 साल बाद आ रहा है। अपने समय पर ही होगा और पहला शाही स्नान 11 मार्च को निर्धारित है। कोरोना महामारी के चलते यह कयास लगाए जा रहे थे कि हरिद्वार महाकुंभ भी एक साल के लिए आगे खिसक जाएगा। क्योंकि कुंभ का आयोजन हर 12 साल में होता है और हरिद्वार में पिछला कुंभ 2010 में हुआ था। किसी भी कीमत पर कुंभ का समय आगे नहीं बढ़ेगा: अवधेशानंद हालांकि आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी का यह मानना है कि अगर कुंभ के समय भी स्थितियां ऐसे ही रहीं तो प्रतीकात्मक रूप से कुंभ स्नान होगा लेकिन किसी भी कीमत पर कुंभ का समय आगे नहीं बढ़ेगा। दरअसल ज्योतिषियों के अनुसार जब मेष राशि में सूर्य और कुंभ राशि में बृहस्पति होते हैं तब हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होता है और यह संयोग 2021 में ही बन रहा है।
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