शुक्रवार, 19 जून 2020

चीन कभी भारत का दोस्त नहीं हो सकता, सबक सिखाना ही होगा: बाबा रामदेव

हरिद्वार भारत और चीन के बीच झड़प () में 20 जवानों की शहादत से देशभर में आक्रोश का माहौल है। चीनी सामानों के बहिष्कार के अभियान चल रहे हैं। इस बीच पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक और योग गुरू स्वामी रामदेव () ने चीन के खिलाफ हुंकार भरी है। रामदेव ने शनिवार को कहा कि चीन कभी भारत का मित्र नहीं हो सकता। वह हमेशा से भारत के साथ छल करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। रामदेव ने चीन के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाते हुए उसे करारा जवाब देने की पैरवी की। उन्होंने कहा, 'चीन को पाकिस्तान की तरह जवाब देना होगा। इसके लिए भारत सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए। कारोबार में चीन का विकल्प खोजना चाहिए। हम दो साल में चीनी उत्पादों का नाम मिटा देंगे।' उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भले ही दो-तीन साल लग जाएं लेकिन चीन का बहिष्कार करना ही होगा। '100-200 चीनी सैनिकों का करें अंत' रामदेव ने कहा, 'चीन ने हमेशा हमारे साथ धोखा किया। आगे भी करता रहेगा क्योंकि उसमें मानवीयता नहीं है। आध्यामिकता नहीं है। हमारा एक भी पैसा चीन के पास नहीं जाना चाहिए।' योगगुरू ने कहा कि चीन ने लंबे अरसे बाद ऐसी हिमाकत की है। अगर इस बार उसको जवाब नहीं दिया तो दुनिया भर में भारत की तौहीन होगी। मौजूदा माहौल में भारत की चीन को लेकर रणनीति क्या हो? इस पर जवाब देते हुए रामदेव ने कहा कि उन्होंने हमारे 20 सैनिक मारे हैं। ऐसे में 100-200 चीनी सैनिकों का अंत करना चाहिए। समझौते हों निरस्तः रामदेव रामदेव ने कहा कि चीन के साथ पूर्व की सरकारों द्वारा किए गए सभी समझौते निरस्त कर देना चाहिए। सीमा पर बिना हथियारों वाली संधि भी रद्द होना चाहिए। जिस तरह से हम पाकिस्तान के सामने सीमा पर खड़े हैं, उसी तरह चीन के साथ भी सरहद पर पेश आना चाहिए। रामदेव ने इस दौरान दावा किया कि एक जमाने में आधा चीन तक भारत फैला हुआ था। ऐसे में अब भारत को सख्त कदम उठाते हुए तिब्बत से भी आगे तक जाना चाहिए। रामदेव ने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि भारत-चीन के मुद्दे पर किसी भी दल को कोई ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, जिससे दुनिया में भारत का उपहास हो। उन्होंने कहा कि वह भारत की राजनौतिक पार्टियों से अपील करते हैं कि वे लोग राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर भारत की सेना और सरकार से साथ खड़े हों।


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