शुक्रवार, 12 जून 2020

उत्तराखंड: बढ़ते तनाव के बीच नेपाल सीमा से सटे गांवों में प्रशासन ने पहुंचाए सैटेलाइट फोन

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में चीन और नेपाल बॉर्डर से सटे इलाकों में प्रशासन ने मुहैया कराने का फैसला किया है। जिला प्रशासन की तरफ से खराब फोन कनेक्टिविटी वाले इलाकों में 49 ग्राम प्रधानों को सैटेलाइट फोन दिया जाएगा। जिन इलाकों में इन फोन को मुहैया कराया जाएगा वे मुनस्यारी की माला जोहार घाटी और की दरमा, चौदास और ब्यास घाटी में स्थित हैं। इन सैटेलाइट फोन को राज्य आपदा प्रतिक्रिया फोर्स (SDRF) ने प्रशासन को मुहैया कराया था। इसका मकसद उन ग्रामीणों तक संचार की सुविधा को पहुंचाना था, जो संवाद के लिए नेपाल के सिम कार्ड पर निर्भर रहते हैं। इन इलाकों में किसी भी टेलिकॉम कंपनी के नहीं होने की वजह से फोन कनेक्टिविटी बहुत खराब स्थिति में है। दुर्गम्य क्षेत्र होने की वजह से बीएसएनएल सहित किसी भी कंपनी ने यहां मोबाइल टॉवर नहीं लगाया है। धारचूला-मुनस्यारी तहसील के गांव पिथौरागढ़ के डीएम विजय कुमार जोगदांडे ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया कि 49 गांवों में से 34 धारचूला तहसील से हैं, जबकि बाकी सभी मुनस्यारी में हैं। उन्होंने बताया, 'ब्यास और दरमा के ग्राम प्रधानों को 19 सैटेलाइट फोन दिए गए। बाकी को भी जल्द ही बांट दिया जाएगा। रविवार को मुनस्यारी के 15 ग्राम प्रधानों को फोन दिए जाएंगे।' उन्होंने बताया कि कॉल का चार्ज 12 रुपये प्रति मिनट और एक एसएमएस की कीमत भी इतनी ही होगी। इंटरनैशनल कॉल और एसएमएस रेट 260 रुपये प्रति मिनट और 260 रुपये प्रति एसएमएस होंगी। दातू गांव के निवासी सालू दतल ने बताया कि संवाद में होने वाली मुश्किलों को देखते हुए हम सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा, 'धारचूला में कई लोग नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह बहुत महंगा पड़ता है और हम अपने देश के नेटवर्क का इस्तेमाल करना चाहते हैं।' महंगे कॉल रेट से ग्रामीणों को परेशानी हालांकि सैटेलाइट फोन यूज करने में जो कीमत लग रही है, वह लोगों के लिए परेशानी का सबब है। ब्यास, दरमा और चौदास के 14 ग्राम प्रधानों ने कॉल रेट को कम करने के लिए सीएम को ज्ञापन सौंपा। हयात सिंह नामक एक ग्राम प्रधान ने कहा, 'आउटगोइंग कॉल की कीमत 12 रुपये प्रति मिनट है और इनकमिंग पर भी इतना ही चार्ज कटता है। गरीब लोगों के लिए यह बहुत अधिक कीमत है। हमने सीएम से अपील की है कि आउटगोइंग का दाम 2 रुपये प्रति मिनट, जबकि इनकमिंग फ्री होनी चाहिए।' सीमा को लेकर भारत-नेपाल के बीच विवाद दरअसल, नेपाल के नए नक्शे को लेकर भारत और पड़ोसी देश नेपाल के बीच तनाव जारी है। नेपाल ने अपने नए नक्शे में भारत के कई इलाके को अपना हिस्सा बताया है। उसका दावा है कि लिपुलेख, कालापानी और लिपिंयाधुरा उसके क्षेत्र में आते हैं। नेपाल ने अपना नया नक्शा भी जारी कर दिया, जिसमें ये तीनों क्षेत्र उसके अंतर्गत दिखाए गए हैं। नेपाल के इस कदम से भारत के साथ उसके रिश्‍तों पर गहरा असर पड़ रहा है। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि इस सीमा विवाद का हल बातचीत के माध्यम से निकालने के लिए आगे बढ़ना होगा।


from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/2AmBq8X

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें