उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के एक युवा डॉक्टर शिवम की न्यूजीलैंड में नृशंस हत्या कर दी गई। डॉ. शिवम मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स पूरा करके न्यूजीलैंड में ही जॉब कर रहे थे। डॉ. शिवम, जिले के रुड़की क्षेत्र में रहने वाले साहित्यकार डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा 'अरुण' के पौत्र थे। डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के सदस्य रह चुके हैं। साथ ही हिंदी विभाग में प्राचार्य के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर पौत्र के साथ हुई घटना के बारे में बताया है। उन्होंने लिखा कि, 'पौत्र शिवम अब ताबूत में आएगा और अब उसकी देह मैं मां गंगा को समर्पित करूंगा।' जानकारी के मुताबिक, डॉ. शिवम अभी 26 वर्ष के थे और उन्होंने स्वामी राम हिमालयन मेडिकल विश्वविद्यालय जॉलीग्रांट देहरादून से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स किया था। इसमें उनको सर्वोच्च अंक मिलने पर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। इसके बाद शिवम मास्टर्स की डिग्री लेने न्यूजीलैंड चले गए। मास्टर्स ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स पूरा करके वहीं पर वह जॉब कर रहे थे। शिवम के पिता बैंक में अधिकारी हैं और उनकी एक जुड़वा बहन है और मां हैं। फरवरी में घर पर आए थे शिवम डॉ. योगेन्द्रनाथ ने पत्रकारों को बताया कि उनका पौत्र शिवम फरवरी में घर पर आया था और उसके बाद अपने डॉक्यूमेंट लेकर वापस ऑकलैंड चला गया था, जहां पर वो अपने एक दोस्त के साथ कमरे पर रह रहा था। योगेंद्रनाथ ने बताया कि वारदात की इतनी सूचना मिली है कि एक युवक ने शिवम के कमरे में घुसकर दोनों पर चाकुओं से हमला किया। उसने शिवम के ऊपर 15 बार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा शिवम का दोस्त घायल हुआ है। दूतावास के संपर्क में हैं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री निशंक योगेन्द्रनाथ ने यह भी बताया कि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में आरोपी के परिवार वालों की तरफ से यह दलील दी गई है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। डॉ. योगेन्द्रनाथ ने ही यह बताया कि उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक दूतावास के संपर्क में हैं। वह उनके पौत्र की डेटबॉडी यहां लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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