देहरादून कोरोना महामारी के बीच घोषित लॉकडाउन के कारण की आय में भी कमी आई है। इसके बाद सरकार ने राजकीय कामकाज के खर्चों में कमी लाने का फैसला किया है। राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी विभागों को खर्च कम से कम करने के आदेश जारी कर दिए हैं। खर्चों पर लगाम लगाने के तहत सरकार कई विभागों के अनुपयोगी पदों को भी समाप्त करने की तैयारी कर रही है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अतिरिक्त खर्चों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक व्यय में कमी लाए जाने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे। पिछले एक दशक में कंप्यूटरीकरण होने से विभागों के कार्यभार में कमी आई है। इसको ध्यान में रखते हुए बदले परिवेश में अनुपयोगी पदों को चिन्हित कर उन्हें समाप्त किया जाए और इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को अन्य पदों या अन्य विभागों में समायोजित कर दिया जाए। कहा कि इसके साथ ही नई स्थाई नियुक्ति करने के बजाए अधिक से अधिक काम आउटसोर्स के माध्यम से कराया जाए। राज्य के वित्त सचिव अमित सिंह नेगी का कहना है कि छोटे-छोटे खर्चों को कम करके भी बड़ी धन राशि बचाई जा सकती है। इन निर्देशों को लागू करने और विभिन्न खर्चों पर रोक लगाने से अनुमानित 300 करोड़ रुपए तक की बचत हो सकती है। इस प्लान से खर्च घटाएगी उत्तराखंड सरकार
- विभिन्न विभागों के अनुपयोगी पद होंगे समाप्त।
- कर्मचारियों को किया जाएगा अन्य विभागों में समायोजित, वेतनमान भी नहीं बढ़ेगा।
- पुलिस और चिकित्सा विभाग को छोड़कर अन्य किसी विभाग में नए पदों का सृजन नहीं होगा।
- संविदा, नियत वेतन, दैनिक वेतन पर नियुक्ति पूरी तरह से बंद। आउटसोर्स के माध्यम से काम करने के आदेश।
- कार्यालयों के नए भवन नहीं बनेंगे, नए गेस्ट हाउस आदि बनाने पर भी रोक।
- विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा कर अनुपयोगी योजनाओं को भी समाप्त करने की योजना।
- अफसर इकोनॉमी क्लास से ही करेंगे यात्रा। फाइव स्टार होटल में खाना खाने पर भी रोक, सरकारी भवनों में करने होंगे सरकारी कार्यक्रम।
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