कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी एम्स के ‘प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन’ (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र पर गए और नोडल अधिकारी डॉ. कुमार से उसके बारे में पूरी जानकारी ली।
लगभग सात मिनट तक संयंत्र के बारे में बारीकी से समझने के दौरान प्रधानमंत्री ने डॉ. कुमार से यह भी पूछा कि इससे कितने लोगों को लाभ मिलेगा। डॉ. कुमार ने उन्हें बताया कि इस संयंत्र से वेंटिलेटर के 50 और ऑक्सीजन मॉस्क के 150 मरीजों को लाभ होगा।
इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी एम्स ऋषिकेश परिसर में बने हेलीपैड की तरफ चले गए और वहां से वायुसेना के हेलीकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गये।
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