करन खुराना, हरिद्वारकोरोना महामारी के बाद अब ब्लैक फंगस ने उत्तराखंड में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। राजधानी के मैक्स अस्पताल में ब्लैक फंगस का तीसरा मामला सामने आया है। जनवरी में यहां पहला मामला सामने आया था, जिसमें सर्जरी के जरिए एक आंख और जबड़े को निकाला गया था। इस केस के बाद मैक्स में दो मामले और आ चुके हैं। तीसरा मामला तीन दिन पहले मैक्स अस्पताल में आया था। इसमें डॉक्टरों की टीम ने अब तक मरीज की दो सर्जरी की है। डॉ. राहुल प्रसाद चिकित्सा अधीक्षक मैक्स अस्पताल देहरादून ने नवभारतटाइम्स ऑनलाइन से बात करते हुए कहा कि ब्लैक फंगस के अब तक तीन मामले आ चुके हैं। नाक के रास्ते मरीज की एंडोस्कोपी की जांच कर ब्लैक फंगस की जांच की जाती है। शुरुआती चरण में ब्लैक फंगस छाती से ऊपर होता है। आखिरी चरण में यह गुर्दे पर हमला करता है। ब्लैक फंगस के अब तक 3 मामले प्रसाद ने बताया कि अब तक ब्लैक फंगस में तीन मामले आ चुके हैं। पहले दो मामलों में मरीज ठीक होकर घर वापस जा चुके हैं और तीसरा मरीज अभी अस्पताल में भर्ती है। उसके दो ऑपरेशन हो चुके है, जिसमें आंख और जबड़ा निकाला जा चुका है। फिलहाल मरीज आईसीयू में है। दून अस्पताल में फिलहाल कोई मामला नहीं दून अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि दून अस्पताल में फिलहाल कोई मरीज नहीं है। लेकिन ब्लैक फंगस की मॉनिटरिंग के लिए अस्पताल में एक टीम का गठन किया गया है, जो सभी मरीजों पर ध्यान दे रहे हैं। ब्लैक फंगस के मामलों की निगरानी को बनी टीम स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने बताया कि डॉक्टर्स की एक टीम का गठन किया गया है जो ब्लैक फंगस के मामलों की मॉनिटरिंग करेगी। साथ ही ड्रग कंट्रोलर को आदेश दिए हैं कि वो इसकी दवा की कालाबाजारी न होने दे और साथ ही यह सुनिश्चित करें कि दवा प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।
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