शनिवार, 22 मई 2021

मुख्यमंत्री वात्सल्यः कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों को उत्तराखंड में 3000 रुपये महीने भत्ता, सरकारी नौकरी में 5% कोटा

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड-19 महामारी के चलते अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए शिक्षा और रोजगार की एक योजना की घोषणा की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ऐसे बच्चों को 21 साल की आयु तक मुख्यमंत्री वात्सल्य नामक योजना के तहत प्रतिमाह 3 हजार रुपये का भत्ता प्रदान किया जाएगा। सरकारी नौकरियों में रखा जाएगा 5% का कोटा बयान के अनुसार राज्य सरकार उनकी शिक्षा का भी ध्यान रखेगी और इस योजना के तहत उनके लिए सरकारी नौकरी में पांच प्रतिशत कोटा रखा जाएगा। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। 5,600 रोगियों की मौत हो चुकी है। ब्लैक फंगस को भी महामारी घोषित किया उत्तराखंड में ‘ब्लैक फंगस’ के बढ़ते मामलों के बीच प्रदेश सरकार ने शनिवार को इसे महामारी अधिनियम,1897 के तहत अधिसूचित रोग घोषित किया। उत्तराखंड में अब तक 64 लोग इस रोग से संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से चार की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य सचिव पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस के समन्वित उपचार के लिये इसे अधिसूचित बीमारी घोषित किया गया है क्योंकि कोविड-19 से पीड़ित होने के बाद लोग इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। ब्लैक फंगस की दवाओं को लेकर SOP जारी प्रदेश सरकार ने शनिवार को ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार में काम आने वाली एम्फोटेरिसिन बी दवा के उचित वितरण के मद्देनजर मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की। एम्फोटेरिसिन बी दवा सरकारी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और कोविड समर्पित अस्पतालों को तय प्रारूप में मरीज का नाम, संक्रमण की प्रकृति जैसे विवरण देने तथा आपूर्ति के लिये अनुरोध करने पर भुगतान के बाद दी जाएगी।


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