हरिद्वार इंडियन मेडिकल असोसिएशन की उत्तराखंड शाखा ने को 1000 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजने के बाद अब खुली बहस की चुनौती दी है। IMA ने बाबा रामदेव को कहा है कि वह उन एलोपैथिक अस्पतालों के नाम बताएं, जहां पर कोरोना के इलाज के नाम पर पतंजलि की दवाएं दी गईं। दरअसल बाबा रामदेव ने एक टीवी डिबेट में दावा किया था कि एलोपैथिक अस्पताल भी कोरोना इलाज के लिए पतंजलि की दवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे। अब IMA ने इसे चुनौती देते हुए कहा है कि बाबा रामदेव खुले मंच पर इस दावे को साबित करें और आईएमए से पूरे विवाद पर बहस करें। इससे पहले बाबा रामदेव ने कहा था कि वह IMA से 25 प्रश्नों पर जवाब चाहते हैं। रामदेव ने इसके लिए IMA को खुली चिट्ठी भी लिखी थी। आपके पूछे 25 प्रश्नों के जवाब को भी तैयार: IMA बाबा रामदेव की ओर से भेजे पत्र पर जवाब देते हुए IMA ने कहा है कि वह अपने पैनल के साथ इन 25 प्रश्नों के जवाब के लिए भी तैयार है। आईएमए ने बाबा रामदेव से कहा है कि वह भी खुली बहस के लिए एक कॉमन मंच पर उनके सामने आएं। भेजा था 1000 करोड़ का मानहानि नोटिस इससे पहले 26 मई को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उत्तराखंड ने रामदेव को 1000 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में रामदेव से अगले 15 दिन में उनके बयान का खंडन वीडियो और लिखित माफी मांगने को कहा गया है। 15 दिन के अंदर माफी मांगने की मांग रखी थी नोटिस में कहा गया है कि अगर रामदेव अगर 15 दिन के अंदर खंडन वीडियो और लिखित माफी नहीं मांगते हैं तो उनसे 1000 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी। इसके अलावा रामदेव से 72 घंटे के अंदर कोरोनिल किट के भ्रामक विज्ञापन को सभी स्थानों से हटाने को कहा है, जहां यह दावा किया गया है कि कोरोनिल कोविड वैक्सीन के बाद होने वाले साइड इफेक्ट पर प्रभावी है।
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