देहरादून, आठ जून (भाषा) उत्तराखंड के मसूरी में अवैध निर्माण गतिविधियों को रोकने के मद्देनजर तैयार की गयी सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अवैध निर्माणों के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2015 में भारतीय सर्वेंक्षण विभाग को मसूरी का सर्वेक्षण और मानचित्र तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी । पिछले साल दिसंबर में विभाग ने मसूरी में 178 एस्टेट के सर्वेंक्षण का कार्य पूरा कर उसकी अंतिम रिपोर्ट उत्तराखंड के वन विभाग को प्रेषित कर दी । इसकी पुष्टि करते हुए भारतीय सर्वेंक्षण विभाग के निदेशक जियो स्टेशन डाटा सेंटर, उत्तराखंड, आर के मीणा ने बताया, '‘हमने अपनी रिपोर्ट तैयार कर दिसंबर, 2019 में प्रदेश के वन विभाग को सौंप दी थी पर अभी तक इस रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया गया है ।’’ हालांकि, इसके बारे में पूछे जाने पर मीणा ने कहा कि विभाग अपना काम कर चुका है और वह रिपोर्ट स्वीकार न किए जाने के कारणों में नहीं जाना चाहते । उन्होंने कहा कि वह इस रिपोर्ट को रक्षा मंत्रालय को भी भेजेंगे । दूसरी तरफ, वन विभाग के उच्चपदस्थ अधिकारी भी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं । वन विभाग के प्रमुख जयराज ने कहा कि उन्हें इस रिपोर्ट के संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है जबकि मसूरी की वन प्रभागीय अधिकारी कहकशां नसीम ने कहा कि अभी तक अंतिम रिपोर्ट उनके पास नहीं पहुंची है । मसूरी में अवैध निर्माणों के बारे में सरकार की उदासीनता के मद्देनजर मसूरी के लिए बनी उच्चतम न्यायालय की निगरानी समिति ने भी भारतीय सर्वेंक्षण विभाग और वन विभाग को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की प्रगति रिपोर्ट तलब की है । कमेटी के सदस्यों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह अपनी अगली बैठक में इस मुददे को उठाएंगे । पूर्व में उत्तराखंड योजना आयोग ने भी मसूरी में चल रहे अवैध निर्माण पर चिंता व्यक्त की थी और सरकार को इस संबंध में त्वरित कदम उठाने को कहा था । गौरतलब है कि उत्तराखंड के मूसरी में कुछ साल पहले मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के व्यवसायी मित्र संजय नारंग द्वारा अवैध रूप से बनाये गये बंगले के एक बडे़ हिस्से को तोड़ दिया गया था लेकिन इसके बाद भी पारिस्थितकीय रूप से भंगुर होने के बावजूद पहाड़ों की रानी में चल रहे अवैध निर्माण की गतिविधियों में खास फर्क नहीं पड़ा ।
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