मंगलवार, 9 जून 2020

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास, सुविधाएं बहाल करने वाला कानून खारिज किया

नैनीताल, नौ जून (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं से जुड़े एक कानून को मंगलवार को खारिज कर दिया जिसके बाद प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवासों के किराये आदि का भुगतान बाजार भाव पर करना होगा । देहरादून स्थित गैर सरकारी संगठन, रूरल लिटिगेशन एंड एनटाइटलमेंट केंद्र :रूलक: द्वारा उत्तराखंड पूर्व मुख्यमंत्री सुविधा अधिनियम-2019 अधिनियम के प्रावधानों को चुनौती दी गयी थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कार्तिकेय हरिगुप्ता ने कहा कि न्यायालय ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 (बराबरी का अधिकार) का उल्लंघन माना है। अदालत ने यह भी कहा कि अधिनियम के प्रावधान अधिकारों के विभाजन के सिद्धांत का उल्लंघन है । मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की पीठ यह निर्णय सुनाया जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को बाजार भाव पर किराए का भुगतान करना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में दी गयी अन्य सुविधाओं पर खर्च हुए धन की गणना राज्य को करनी होगी और उसकी वसूली भी की जाएगी ।


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