रविवार, 7 जून 2020

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा शुरू करने के विरोध में पुजारी, असमंजस में सरकार

देहरादूनकोरोना वायरस के मद्देनजर और अन्य धार्मिक स्थलों को फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए खोलने को लेकर सरकार असमंजस में है। बदरीनाथ मंदिर से लेकर यमुनोत्री मंदिर और नीलकंठ महादेव जैसे प्रमुख मंदिरों के मुख्य पुजारियों और पूजा-अर्चना से जुड़े तीर्थ पुरोहितों ने सरकार को पत्र भेजा है। उन्होंने इसको लेकर अपनी आशंकाएं जताते हुए फिलहाल तीर्थस्थलों को श्रद्धालुओं के लिए न खोले जाने का अनुरोध किया है। चारधाम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह ने बताया कि मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के संबंध में राज्य सरकार के निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी और मंदिर में पूजा अर्चना कार्यों में लगे दो दर्जन से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक ज्ञापन भेजकर बदरीनाथ यात्रा को फिलहाल 30 जून तक बंद रखने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने दिए थे चारधाम यात्रा शुरू करने के संकेत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल में इस बात के संकेत दिए थे कि चारधाम यात्रा को सीमित, नियंत्रित और सुरक्षित रूप से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है और परिस्थितियों को देखकर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। 'यात्रा को स्थगित रखना समय की जरूरत'इस बीच बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि चमोली की जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए यह आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह समय की जरूरत है। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बदरीनाथ की यात्रा फिलहाल स्थगित रखने में सभी की सुरक्षा है।’ यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित और मंदिर समिति भी अभी यात्रा शुरू करने के विरोध में हैं और उनका कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा समाप्त होने तक यात्रा शुरू करना सही नहीं है। 'स्थानीय लोग भी नहीं चाहते कि बाहरी यहां आएं'यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल ने कहा कि अभी यात्रा शुरू करने से पहाड़ी क्षेत्र कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकता है और कई लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी। ऋषिकेश के पास नीलकण्ठ महादेव मंदिर के महंत सुभाष पुरी ने भी कहा कि सरकार को अभी 30 जून तक तीर्थयात्रा शुरू नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी नहीं चाहते कि कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच बाहर से यात्री नीलकण्ठ आएं। देहरादून के मंदिरों में शुरू हुईं तैयारियां अल्मोड़ा के प्रसिद्ध गोलू देवता और जागेश्वर मंदिर के पुजारियों ने भी फिलहाल मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के लिए उचित समय नहीं बताया है। इस बीच, देहरादून स्थित टपकेश्वर महादेव और कुछ अन्य मंदिरों में रविवार को नियमित साफ-सफाई, संक्रमणरोधन, सामाजिक दूरी का पालन करवाने आदि की व्यवस्था जैसी तैयारियां शुरू हो गई हैं। छोटे-बड़े सभी मंदिरों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी कदमों के पोस्टर भी लगाए गए हैं।


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