गुरुवार, 11 जून 2020

जंगली जानवरों से फसल को बचाएगी ये डिवाइस, 60 मीटर दूर से ही बचेगा भयानक सायरन

जंगली जानवरों का खेतों में घुसकर फसलों को तबाह करना किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत है। कई जंगली जानवर खेतों में खड़ी किसानों की लहलहाती फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। हरिद्वार के ने किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एक नई पहल की है। कृषि विभाग ने 10 बाहुल्य क्षेत्रों को पहचान कर खेतों में एक सेंसर युक्त डिवाइस लगाई है। यह डिवाइस 60 मीटर दूर से आ रहे जानवर को पहचान कर 30 तरह की अलग-अलग आवाज निकालेगी। दावा किया जा रहा है कि इन आवाजों को सुनकर जंगली जानवर खेतों को छोड़कर जंगलों की ओर दौड़ने को मजबूर होंगे। जंगली जानवरों से किसानों की फसलों को बचाने वाली इस डिवाइस का नाम सेंसर युक्त डिवाइस (रिपेलर) है। अभी कृषि विभाग की ओर से ट्रायल के तौर पर 10 स्थानों पर रिपेलर लगाए गए हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य कई स्थानों पर रिपेलर लगाए जाएंगे। जिला मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव ने बताया कि जंगली जानवर किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते किसानों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। इस प्रयोग के तहत 10 चिन्हित स्थानों पर रिपेलर लगाए गए हैं। अगर यह तकनीक काम करती है तो और भी प्रभावित क्षेत्रों में इन्हें लगाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में होती है फसलों को भारी क्षति हरिद्वार में ऐसे कई क्षेत्र है जहां कृषि भूमि से सटी हुई है। ऐसे में गुलदार, हाथी, हिरण, माहे आदि जानवर वहां से निकलकर खेतों में आ धमकते हैं और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह डिवाइस जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने में भी कारगर होगी।


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