मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात में रावत ने कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच के कारण ही श्री केदारनाथ धाम का भव्य रूप विकसित हो गया है एवं श्री बदरीनाथ धाम के संबंध में भी रूपरेखा तैयार हो रही है।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने स्थिति सामान्य होने पर प्रधानमंत्री को बदरी- केदार विकास परियोजना के लोकार्पण के लिए न्यौता दिया।
केंद्र सरकार द्वारा तीन डॉप्लर रडार की स्वीकृति देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने 10 छोटे डॉप्लर रडार उपलब्ध कराने का भी प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में एम्स की स्थापना या वहां ऋषिकेश एम्स की शाखा स्थापित करने का भी अनुरोध किया।
रावत ने पर्वतीय प्रदेश होने के कारण उत्तराखंड को पूरी तरह से जैविक प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र से विशेष अनुदान का आग्रह किया तथा अत्यंत संवेदनशील पर्यावरण वाले हिमालयी क्षेत्र में हिमनद का अध्ययन तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखे जाने के बारे में अध्ययन के लिए उत्तराखंड में ‘हिमनद एवं जल संसाधन शोध केन्द्र’ की स्थापना पर भी जोर दिया ।
करीब आधा घंटा चली मुलाक़ात में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कंडाली की जैकेट भी भेंट की । इस दौरान उन्होंने देश में 18 वर्ष की आयु से ऊपर वाले सभी भारतीयों का कोरोना टीकाकरण मुफ़्त किए जाने और 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त अनाज देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया ।
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