मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने कोरोना के खतरे के मद्देनजर यहां 15 जून को होने वाले मेले में जुटने वाली भीड़ से बचने के लिए मंदिर को बंद करने का संयुक्त रूप से निर्णय किया ।
यह मंदिर नैनीताल से अल्मोड़ा के रास्ते में पड़ता है । पिछले साल भी कोविड के कारण मंदिर के द्वार बंद किए गए थे ।
मंदिर के प्रबंधक विनोद जोशी ने बताया कि मेले से पहले मंदिर में रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही थी और ऐसे में कोविड का खतरा भी बढ़ रहा था ।
जोशी ने कहा कि मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं और इस समय में सबसे बड़ी सेवा घर पर रहना ही है ।
उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए यह निर्णय आवश्यक है ।
मंदिर में होने वाला मेला श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष स्थान रखता है ।
बाबा नीम करोली महाराज ने यहां 1964 में एक हनुमान मंदिर बनाया था और तब से यहां हर साल मंदिर के आसपास मेला लगाया जाता है ।
देश और विदेश से हजारों श्रद्धालु इस मेले में हिस्सा लेने आते हैं और 15 जून को उनकी संख्या एक लाख से भी ज्यादा होती है ।
मंदिर समिति के प्रदीप साह भैयू ने बताया कि मेले की तैयारियां दो महीने पहले से शुरू हो जाती हैं ।
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