अस्पताल के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि डॉक्टरों को इस हफ्ते की शुरुआत में 60 साल के मरीज की संक्रमित आंख निकालनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि मरीज पिछले महीने कोविड-19 से उबरा था।
अस्पताल में कोविड-19 से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस से संक्रमित पाए जाने के तीन मामले आए हैं। पहले दो मामले इस साल जनवरी और फरवरी में आए थे।
उन्होंने बताया कि सभी तीन मरीजों को सर्जरी करानी पड़ी थी।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक राहुल प्रसाद ने कहा कि मधुमेह और कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा अधिक है। यह संक्रमण सबसे पहले आंखों पर असर डालता है और अगर यह शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल जाता है तो इससे जान भी जा सकती है।
प्रसाद ने कहा कोविड-19 के जिन मरीजों को अन्य बीमारियां जैसे कि मधुमेह है, उन्हें ठीक होने के बाद भी बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है।
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