यह निर्णय राज्य स्तरीय क्लिनिकल टैक्निकल कमेटी की संस्तुति के आधार पर लिया गया है जिसमें टैबलेट आईवरमैक्टिन को 'मास कीमोप्रोफिलैक्सिस' के तौर पर इस्तेमाल की अनुमति दी गयी है। इसका अर्थ है कि इस दवा को सामूहिक रूप से विषाणु की रोकथाम के लिए जनता के बीच बांटा जा सकता है।
इस संबंध में मुख्य सचिव ओम प्रकाश द्वारा जिलाधिकारियों को जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए टीकाकरण के अलावा आमजन में संक्रमण के प्रभाव को नियंत्रित करने एवं संक्रमण को गंभीर रूप लेने से रोकने हेतु प्रारंभिक रोकथाम के लिए यह आवश्यक हो गया है कि इस संक्रमण पर प्रभावी रूप से काम करने वाली औषधि आईवरमैक्टिन को 'मास कीमोप्रोफिलैक्सिस' के तौर पर दिया जाए।
राज्य के सभी परिवारों को आईवरमैक्टिन की 12 एमजी की टैबलेट की एक किट तैयार कर उपलब्ध कराई जाएगी जिसके वितरण की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी के माध्यम से होगी।
अधिकारियों ने बताया कि 24 टैबलेट का एक किट तैयार कर हर परिवार को दिया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि औषधि के प्रयोग संबंधी दिशानिर्देशों का विवरण किट में रखा जाए तथा नोडल अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन दवाओं के वितरण की सूचना राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों को भेजी जाए।
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