देहरादून उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भीषण त्रासदी हुई है। इस हादसे में कम से कम 176 लोग लापता बताए जा रहे हैं वहीं अब तक 7 लोगों के शव मिले हैं, जबकि 16 लोगों को बचाया गया है। ग्लेशियर टूटने की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारी सेना के लोग वहां पहुंच गए हैं। NDRF की एक टीम दिल्ली से यहां पहुंची है। मेडिकल सुविधा की दृष्टि से वहां सेना के, पैरामिलिट्री फोर्सेज के और हमारे राज्य के डॉक्टर वहां कैंप किए गए हैं। सीएम ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के लिए चार-चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ के लोग राहत और बचाव कार्य में लगे हैं। जिलाधिकारी और सीएमओ घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि ITBP के जवान रस्सी से चमोली के तपोवन सुरंग के अंदर पहुंचे और 16 लोगों को बचाया है। राहत बचाव में जुटे आईटीबीपी के जवान सीएम रावत ने कहा कि एक टनल में इतना मलबा है कि उसके अंदर आईटीबीपी के जवान रस्सी के सहारे जाने की कोशिश कर रहे हैं। अंदर फंसे मजदूरों स संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि अभी एक घंटे पहले तक वो लगभग 150 मीटर अंदर तक पहुंच पाए थे। ये सुरंग लगभग 250 मीटर लंबी है। 7 शव मिले, दो पुलिस कर्मी समेत 176 लापता उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन प्रॉजेक्ट के पास 176 मजदूर ड्यूटी करने गए थे। अभी तक 7 शव रिकवर हुए हैं। 2 पुलिसकर्मी भी लापता हैं।
from Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड खबरें| Navbharat Times https://ift.tt/3tzqGKR
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें