रविवार, 7 फ़रवरी 2021

Uttarakhand Flood News: सेना को बॉर्डर तक जोड़ने वाला पुल भी बहा, केंद्र ने भेजे ITBP के 200 जवान, करेंगे ये काम

देहरादून उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमखंड (ग्लेशियर) टूटने के कारण रविवार को बड़ी तबाही मची है। विकराल बाढ़ के बाद मलारी को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है। यह पुल भारतीय सेना को सरहद तक जोड़ने का काम करता है। घटना के फौरन बाद भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के गोचर सेंटर से एक बड़ी टीम को राहत और बचाव के लिए भेजा गया है। वहीं, गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि एनडीआरएफ के चार दलों (करीब 200 कर्मी) को हवाईमार्ग से देहरादून ले जाया जा रहा है, जहां से वे जोशीमठ जाएंगे। उधर, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि तपोवन-रैणी क्षेत्र में स्थित पॉवर प्रोजेक्ट में काम करने वाले करीब 50-100 कर्मी लापता हैं। कुमार ने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (NDRF) के कर्मी प्रभावित इलाकों तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि यहां कम से कम दो लोगों के शव मिले हैं जबकि कई घायलों को बचाया गया है। उन्होंने कहा कि तपोवन-रैणी स्थित पॉवर प्लांट पूरी तरह से बह गया है। नदी के बहाव में आई कमी उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि नदी के बहाव में कमी आई है जो राहत की बात है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। रावत ने ट्वीट किया, 'राहत की खबर ये है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब एक मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। आपदा से पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और देहरादून के प्रभावित होने की आशंका है और यहां हाई अलर्ट घोषित किया गया है। अमित शाह ने उत्तराखंड के सीएम से की बात, मदद के लिए तैयार वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर उन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। शाह ने कहा कि पीड़ित लोगों को राहत पहुंचाने और उनके बचाव के लिए एनडीआरएफ बलों को तैनात किया गया है। अतिरिक्त बचावकर्ताओं को विमान के जरिए दिल्ली से उत्तराखंड ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में हालात पर लगातार नजर रख रही है। शाह ने कहा- लोगों को सुरक्षित करने का काम युद्धस्तर पर शाह ने ट्वीट किया कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के संबंध में मैंने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, आईटीबीपी के महानिदेशक और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बात की है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य के लिए निकल गई हैं। देवभूमि को हरसंभव मदद दी जाएगी। एनडीआरएफ के 4 दल रवाना गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कुछ और टीम दिल्ली से हवाई मार्ग से उत्तराखंड भेजी जा रही हैं। हम वहाँ की स्थिति पर निरंतर नजर रख रहे हैं। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि एनडीआरएफ के चार दलों (करीब 200 कर्मी) को हवाईमार्ग से देहरादून ले जाया जा रहा है जहां से वे जोशीमठ जाएंगे। हादसे का असर कहां पर कितना नंदा देवी नेशनल पार्क से निकलने वाली ऋषिगंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में टूटे ग्लेशियर से आई बाढ़ के कारण धौलगंगा घाटी और अलकनन्दा घाटी में नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया। इससे ऋषिगंगा और धौली गंगा के संगम पर बसे रैणी गांव के समीप स्थित एक निजी कंपनी की ऋषिगंगा बिजली परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, धौली गंगा के किनारे बाढ़ के वेग के कारण जबरदस्त भूकटाव हो रहा है। ऐक्शन में यूपी सीएम योगी इस बीच, उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। योगी ने गंगा नदी के किनारे पड़ने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। लोग बोले- जोर की आवाज आई, तूफान की तरह बढ़ता दिखा पानी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक जोर की आवाज के साथ धौली गंगा का जलस्तर बढ़ता दिखा। पानी तूफान के आकार में आगे बढ़ रहा था और वह अपने रास्ते में आने वाली सभी चीजों को अपने साथ बहाकर ले गया। चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि मौके पर प्रशासन का दल पहुंच गया है और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। रैणी से लेकर श्रीनगर तक अलकनन्दा के किनारे रह रहे लोगों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है। रैणी में सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग भी इस बाढ़ की चपेट में आकर बह गया है। दूसरी ओर रैणी से जोशीमठ के बीच धौली गंगा पर नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन की तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के बैराज स्थल के आसपास के इलाके में भी कुछ आवासीय भवन बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं। (इनपुट भाषा)


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