मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

Uttarakhand disaster news: एनटीपीसी की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी, अब तक 31 शव मिले

देहरादून उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा घाटी में आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या मंगलवार को 31 तक पहुंच गई है। एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 30-35 लोगों को बाहर निकालने के लिए सेना सहित कई एजेंसियों का संयुक्त बचाव और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, अलग-अलग स्थानों से कुल 31 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 175 अन्य लापता हैं। रविवार को ऋषिगंगा घाटी में पहाड़ से गिरी लाखों मीट्रिक टन बर्फ के कारण ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में अचानक आई बाढ़ के बाद सेना, एनडीआरएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) और एसडीआरएफ के जवान लगातार बचाव और राहत अभियान में जुटे हुए हैं। 'सुरंग घुमावदार इसलिए राहत कार्य धीमा'इस बीच, आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लौटे मुख्यमंत्री रावत ने संवाददाताओं से कहा कि सुरंग के अंदर बहुत घुमाव है जिस कारण सोमवार को अभियान में आई तेजी मंगलवार को कुछ धीमी हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब ड्रिल करके रस्सी के सहारे आगे पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। शवों को तलाश रहे खोजी दस्‍तेइस बीच, एसडीआरएफ ने कहा कि उनके तलाशी दस्ते रैंणी, तपोवन, जोशीमठ, रतूडा, गौचर, कर्णप्रयाग, रूद्रप्रयाग क्षेत्रों में अलकनंदा नदी में शवों की तलाश कर रहे हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री रावत ने मंगलवार सुबह क्षेत्र का हवाई सर्वेंक्षण किया और हादसे में घायल हुए लोगों से जोशीमठ के अस्पताल में मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। ऋषिगंगा और तपोवन बिजली परियोजनाओं में काम करने वाले और आसपास रहने वाले करीब आधा दर्जन लोग आपदा में घायल हुए हैं।


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